प्रदेश में 50 रुपये में बिकने वाला सिरप नेपाल बॉर्डर पर 100 से डेढ़ सौ रुपये में बिक रहा है। इतना महंगा सिरप नशे के लिए खरीदा जाता है। प्रदेश में नशे के कारोबार नष्ट करने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।
यूपी से नेपाल और बिहार में होने वाली सिरप की कालाबाजारी रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग सतर्क हो गया है। इसके लिए बॉर्डर वाले जिलों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी ड्रग इंस्पेक्टरों से कहा गया है कि विभाग की ओर से तय किए गए मानक से अधिक स्टॉक मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
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दरअसल, प्रदेश में 50 रुपये में बिकने वाला सिरप नेपाल बॉर्डर पर 100 से डेढ़ सौ रुपये में बिक रहा है। इतना महंगा सिरप नशे के लिए खरीदा जाता है। प्रदेश में नशे के कारोबार नष्ट करने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है। इसी के मद्देनजर कोडिन युक्त सिरप व अन्य नॉरकोटिक्स दवाओं का स्टॉक निर्धारित कर दिया गया है।
एफएसडीए ने श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बहराइच, कुशीनगर में विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। इसी तरह बिहार बॉर्डर से लगे बलिया, गाजीपुर, चंदौली और सोनभद्र को भी अलर्ट कर ड्रग इंस्पेक्टरों को नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। थोक से लेकर फुटकर दुकान तक निर्धारित स्टॉक से अधिक मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं मिलने, बिना डॉक्टर के पर्चे के इनकी बिक्री पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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अभियान का दिखा लखनऊ में असर
लखनऊ सहित आसपास के जिलों में पिछले दिनों नॉरकोटिक्स दवाओं को लेकर अभियान चलाया गया। थोक कारोबारियों के स्टॉक का मिलान किया गया। सहायक आयुक्त ब्रजेश कुमार की निगरानी में फुटकर दुकानों की भी जांच की गई। लगातार कड़ाई के बाद यहां मानक के अनुसार स्टॉक मिलने लगा है। लखनऊ में चले अभियान को मॉडल मानकर अन्य जिलों में भी निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
जहां भी अतिरिक्त स्टॉक मिल रहा है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। नेपाल बॉर्डर वाले इलाके में एफएसडीए की टीम पूरी तत्परता से लगी है। सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी गड़बड़ी मिले तत्काल कार्रवाई करें।