सपा प्रदेश मुख्यालय पर विधायकों के साथ-साथ वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे नेताओं को बुलाया गया था। अखिलेश ने कहा कि लोकतंत्र व संविधान को बचाने और भाजपा की साजिश करने की रणनीति से निबटने की जिम्मेदारी सपा को निभानी है।
सपा अपने कई विधायकों को लोकसभा चुनाव में उतारेगी। यह संकेत राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय पर हुई विधायकों की बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उतनी ही सीटें दी जाएंगी, जितने पर उसके पास जीतने वाले प्रत्याशी होंगे। अपने नेताओं को अखिलेश ने बेरोजगारी और महंगाई सरीखे आमजन के मुद्दों पर ही केंद्रित रहने की सलाह दी। साथ ही कहा कि भाजपा के धर्म से संबंधित किसी मुद्दे में न फंसें। विधायकों से प्रत्याशियों के बारे में बंद लिफाफे में सुझाव भी लिए गए।
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सपा प्रदेश मुख्यालय पर विधायकों के साथ-साथ वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे नेताओं को बुलाया गया था। अखिलेश ने कहा कि लोकतंत्र व संविधान को बचाने और भाजपा की साजिश करने की रणनीति से निबटने की जिम्मेदारी सपा को निभानी है। इसलिए 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने में कोई कसर नहीं छोड़नी है।
मायावती का करें सम्मान
बैठक में अखिलेश यादव ने कहा है कि मायावती उम्र में हमसे बड़ी हैं। वे बड़ी नेता हैं और हम सबको उनका सम्मान करना चाहिए।
स्वामी के बयानों पर जताई असहमति
सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के धर्म के मुद्दे पर बयानों का मुद्दा एक बार फिर उठा। सूत्रों के मुताबिक बैठक में कई विधायकों ने स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादित बयानों को लेकर शिकायत की। अखिलेश ने ऐसी बातें दोबारा न होने देने का आश्वासन दिया।