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Lucknow News : अब्दुल्ला आजम की विधानसभा से सदस्यता समाप्त, आजम खां की पहले ही समाप्त की जा चुकी है सदस्यता

Wed, 15 Feb 2023 07:54 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

विधानसभा सभा सचिवालय के विशेष सचिव मोहम्मद मुशाहिद ने इस बाबत अधिसूचना जारी करते हुए स्वार विधानसभा सीट को 13 फरवरी से रिक्त घोषित कर दिया है।
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अब्दुल्ला आजम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एमपी एमएलए कोर्ट से दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद स्वार विधायक अब्दुल्ला आजम की विधानसभा से सदस्यता समाप्त कर दी गई। विधानसभा सभा सचिवालय के विशेष सचिव मोहम्मद मुशाहिद ने इस बाबत अधिसूचना जारी करते हुए स्वार विधानसभा सीट को 13 फरवरी से रिक्त घोषित कर दिया है। अब्दुल्ला के पिता पूर्व मंत्री आजम खां की सदस्यता भी इसी तरह से समाप्त हुई थी। 

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पंद्रह साल पुराने छजलैट प्रकरण में सपा नेता आजम खां और उनके बेटे सपा विधायक अब्दुल्ला आजम को अदालत ने दो दो साल की सजा सुनाई। दोनों पर तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। दरअसल दो  जनवरी 2008 को आजम खां अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। छजलैट थाने के सामने वाहन चेकिंग के दौरान आजम खां की गाड़ी पुलिस ने रोक लिया।

इससे आजम नाराज हो गए और इसका विरोध करते हुए अपने पुत्र अब्दुल्ला सहित सड़क पर धरने पर बैठ गए थे। यह मामला छजलैट थाने में दो जनवरी 2008 को दर्ज हुआ था। इसमें आजम खां, अब्दुल्ला आजम के अलावा मुरादाबाद देहात क्षेत्र के पूर्व विधायक हाजी इकराम कुरैशी, नूरपुर (बिजनौर) के पूर्व विधायक नईमुल हसन, नगीना के विधायक मनोज पारस, अमरोहा के विधायक महबूब अली सपा नेता राजेश यादव, डीपी यादव, राजकुमार प्रजापति को भी आरोपी बनाया गया था।
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इस प्रकरण की सुनवाई मुरादाबाद में एमपी एमएलए कोर्ट में चल रही थी। सोमवार को अदालत ने आजम खां और अब्दुल्ला को दोषी करार देते हुए दोनों को दो दो साल की सजा सुना दी तथा अन्य सभी आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया गया। सजा पाने के बाद नियमानुसार अब अब्दुल्ला की विधानसभा से सदस्यता समाप्त कर दी गई है।
 
आजम खां जैसा ही हुआ अब्दुल्ला का भी हश्र 
स्वार विधायक अब्दुल्ला आजम का हश्र भी अपने पिता आजम खां की तरह ही हुआ। भड़काऊ भाषण देने के आरोप में तीन साल की सजा मिलने के बाद पिछले साल 27 अक्तूबर से आजम खां की सदस्यता भी इसी तरह से रद्द की गई थी। वह रामपुर से विधायक थे। आजम खान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रामपुर के तत्कालीन डीएम के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का आरोप था। स्पेशल एमपी,एमएलए कोर्ट ने उन्हें इस मामले में दोषी करार दिया था और सजा सुना दी थी। इसके बाद रामपुर में उपचुनाव हुए जिसमें भाजपा के आकाश सक्सेना जीत गए थे।

तीन साल में दो बार गई अब्दुल्ला की विधायकी
अब्दुल्ला आजम उप्र के एकमात्र ऐसे विधायक हैं जो दो बार विधायक बने और लगातार दोनों ही बार उन्हें अपनी विधायकी से हाथ धोना पड़ा। वर्ष 2020 में भी उम्र के फर्जी प्रमाणपत्र लगाने के मामले में हाईकोर्ट ने चुनाव को रद्द करते हुए अब्दुल्ला को अयोग्य घोषित कर दिया था। वह फिर से चुनाव लड़े और स्वार से विधायक बने पर इस बार सजा मिलने के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। मात्र तीन साल के भीतर दो बार उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त की गई। साथ ही यह भी रिकार्ड है कि पिता पुत्र दोनों की विधायकी सजा मिलने के कारण गई।

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