नगर निगम ने सड़कों की मरम्मत, सफाई, पार्क और मार्ग प्रकाश सहित जनसुविधाओं पर खर्च होने वाले बजट में करीब 600 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी पुनरीक्षित बजट में की है। कार्यकारिणी की बैठक में इसे मंजूरी दी जाएगी। इस बार बैठक नगर निगम मुख्यालय के बजाय गोमतीनगर में भरवारा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के सभागार में होगी। महापौर ने इसका आदेश भी जारी कर दिया है।
नगर निगम ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 का करीब 47 अरब रुपये का मूल बजट पास किया है। अब इसे 53 अरब कर दिया गया है। बजट में जुलाई तक के आय-व्यय के आंकड़े दिए गए हैं। इसके हिसाब से नगर निगम ने जुलाई तक करीब 24 अरब रुपये की आय और करीब इतना ही खर्च किया है।
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बैठक से पहले बुधवार को महापौर सुषमा खर्कवाल ने कार्यकारिणी सदस्यों के साथ कैंप कार्यालय पर बैठक भी की। इसमें बजट में किए गए आय-व्यय के प्रावधानों के बारे में बताया गया ताकि बैठक में आम सहमति से बजट पास किया जा सके। 12 सदस्यीय कार्यकारिणी में भाजपा के 10 और सपा के दो सदस्य हैं। कुछ सदस्यों ने सड़क मरम्मत का बजट और पार्षद कोटा बढ़ाने का सुझाव भी रखा।
इन प्रमुख मदों में बढ़ोतरी प्रस्तावित
- कचरा प्रबंधन बजट 300 करोड़ से 330 करोड़ रुपये किया गया।
- नई सड़क के निर्माण का बजट 50 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये किया गया।
- सड़कों की मरम्मत, नवीनीकरण का बजट 271 करोड़ से 326 करोड़ हुआ।
- स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का बजट छह करोड़ से 11 करोड़ रुपये किया गया।
- नाला, पुलिया, क्रॉसिंग आदि की मरम्मत का बजट 30 से 50 करोड़ रुपये किया गया।
सड़कों की मरम्मत के लिए हर वार्ड को जारी किया जाए 70 लाख का बजट
- भाजपा पार्षद दल के उपनेता मुन्ना मिश्रा ने मांग की है कि सड़कों की मरम्मत के लिए हर वार्ड में 70-70 लाख रुपये का बजट जारी किया जाए। इसके लिए पुनरीक्षित बजट में किए गए 50 लाख रुपये के प्रावधान को बढ़ाया जाए।
- भारी बारिश के कारण हर वार्ड में सड़कों की हालत बहुत खराब हो गई है। भाजपा पार्षद दल के मुख्य सचेतक मुकेश सिंह मोंटी ने कहा कि महापौर से मांग की गई है कि आवागमन को बेहतर बनाने के लिए सड़कों की मरम्मत का बजट बढ़ाना जरूरी है।