पानी का दोहन और बर्बादी रोकने के लिए जलकल की नई नियमावली तैयार है। इसे मंगलवार को होने वाली नगर निगम कार्यकारिणी में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इसके तहत मेनलाइन में मोटर लगाकर पानी खींचने पर पूरी तरह से रोक लगाए जाने का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
साथ ही सबमर्सिबल लगाने के बढ़ते चलन पर अंकुश लगाने के लिए भी अब नियम कड़े करने की तैयारी है। सबमर्सिबल के घरेलू और व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए भी शुल्क देना होगा। इसके अलावा अब एक परिवार (पांच व्यक्ति) के लिए अधिकतम 750 लीटर प्रतिदिन पानी खर्च की सीमा भी तय की गई है।
इससे अधिक खर्च पर जलकल विभाग कार्रवाई करेगा। पानी की बर्बादी रोकने के लिए कई प्रावधान जलकल की नई नियमावली में किए गए हैं। इसके साथ ही सड़क या सार्वजनिक स्थान पर बोरिंग नहीं कराई जा सकेगी। ऐसा करने वाले पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पेयजल की मेन लाइन में सीधे टुल्लू लगाने पर नियमावली में रोक लगा दी गई है। अब मेन लाइन में टुल्लू लगाने वाले पर 500 रुपये जुर्माना तो लगेगा ही टुल्लू भी जब्त किया जाएगा। जिन लोगों को टंकी भरने के लिए टुल्लू की जरूरत पड़ती है, ऐसे लोगों को अब अपने घरों में सम्पवेल बनाना होगा और वहां पर वह टुल्लू लगा सकेंगे। इसके लिए उनको दो महीने का समय दिया जाएगा। ताकि वह सम्पवेल बनवा सकें।
पहले देनी होगी जानकारी तब मिलेगी एनओसी
- फोटो : ANI
सबमर्सिबल लगाने के लिए पहले जलकल से एनओसी लेनी होगी। इसके लिए उपभोक्त को यह बताना होगा कि वह किस उद्देश्य के लिए सबमर्सिबल लगा रहा है।
उसी आधार पर उसे तय फीस अदा करनी होगी। सबमर्सिबल की बोरिंग भी उसे जलकल से लाइसेंस प्राप्त प्लम्बर से ही करानी होगी। उपभोक्ता को यह भी बताना होगा कि वह रोजाना कितना पानी खर्च करेगा। सबमर्सिबल लगाने वालो को वर्षा जल संचयन का उपाय भी भवन में करना अनिवार्य होगा।
नियमवाली के तहत जिनके यहां पहले से सबमर्सिबल लगे हैं, उन्हें भी फीस देनी होगी। उनको तीन महीने के अंदर जलकल विभाग को सूचना देनी होगी और बोरिंग साइज के हिसाब से तय किए गए शुल्क का आधा जमा करना होगा।
ये भी नियम होंगे लागू
गर्मी में पानी संकट की स्थिति के दौरान एक मई से 30 मई तक गाड़ी धोने, सड़क धुलने, लॉन में लगातार सिंचाई करने और नल की टोटी खराब होने से पेयजल बर्बाद होने पर 500 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
टंकी भरने के बाद पानी बर्बाद न हो इसके लिए उपभोक्ताओं को टंकी पर अलार्म लगाना होगा ताकि टंकी भर जाने पर उनको पता चल जाए और वह मोटर बंद कर दें।
श्रेणी - क
निजी विद्यालय, मकान 2000 वर्ग फीट से कम- 2000 रुपये दो इंच की बोरिंग साइज पर और उससे अधिक पर 4000 रुपये। 0.50 रुपये प्रति हजार लीटर रायल्टी। वाटर टैक्स से अलग।
श्रेणी- ख
नर्सिंग होम, हॉस्पिटल, मकान 2000 वर्ग फीट से अधिक, होटल, रेस्टोरेंट, कम्युनिटी सेंटर व समस्त सरकारी संस्थान-10,000 रुपये दो इंच बोरिंग तक बोरिंग साइज पर और उससे अधिक की बोरिंग पर 15,000 रुपये। एक रुपये प्रति हजार लीटर रॉयल्टी भी देनी होगी। वाटर टैक्स से अतिरिक्त।
श्रेणी-ग
लॉन्ड्री, गैराज, सभी सर्विस सेंटर, मल्टीस्टोरी, आइस फैक्ट्री और वे संस्थान जहां पर पानी का उपयोग सामग्री के रूप में होता है-15,000 रुपये दो इंच बोरिंग साइज पर और उससे अधिक पर 20,000 रुपये। दो रुपये रुपए प्रति हजार लीटर रॉयल्टी। वाटर टैक्स से अतिरिक्त।
श्रेणी-घ
बॉटलिंग प्लांट- 20,000 रुपये दो इंच बोरिंग साइज तक और उससे अधिक पर 30,000 रुपये।
इसके अलावा तीन रुपये प्रति हजार लीटर रॉयल्टी। वाटर टैक्स से अतिरिक्त।
इन पर नहीं लगेगी फीस
समस्त सरकारी विद्यालय, धार्मिक संस्थान, बीपीएल कार्ड धारक, दिव्यांग संस्थान और 80जी के तहत आयकर से मुक्त संस्था।
जलकल विभाग द्वारा बनाई गई नियमावली में नगर निगम सीमा में टैंकर से पानी बेचने को दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इस पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। टैंकर से पानी बेचने वालों पर कार्रवाई को लेकर जलकल विभाग के पास पहले कोई नियमावाली नहीं थी।
नई नियमावली में इसे पहली बार दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इसमें जो लोग नगर निगम सीमा में टैंकर से पानी बेचते मिलेंगे उनके टैंकर जब्त किए जाएंगे और प्रति टैंकर 2000 रुपये जुर्माना भी लगाया जाएगा।