शहर को साफ-सुथरा बनाने के नगर निगम के अभियान में लोगों को भी अपनी जेब ढीली करनी होगी। शिवरी प्लांट चालू होने के बाद अब नगर निगम ने घर से कूड़ा उठवाने (डोर टू डोर कलेक्शन) की फीस (यूजर चार्ज) बढ़ाने की तैयारी कर ली है।
इसके बाद जिन भवनों से अभी 40 रुपये यूजर चार्ज लिया जा रहा है उन्हें 100 रुपये देने होंगे। अलग-अलग वर्ग में यूजर चार्ज की बढ़ोतरी दो-तीन गुना तक होगी। यह बढ़ोतरी नए साल के शुरूआत से लागू हो सकती है।
नगर आयुक्त उदयराज सिंह का कहना है कि भवन स्वामियों से फीस लेने के लिए दिसंबर 2012 में यूजर चार्ज तय किया गया था। तीन साल में कूड़ा निस्तारण का खर्च काफी बढ़ गया है। ऐसे में नगर निगम के ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
इस आर्थिक बोझ को कम किए बिना कूड़ा प्रबंधन सुनिश्चित नहीं किया जा सकता है। ऐसे में नगर निगम के सामने यूजर चार्ज बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। इससे शिवरी प्लांट को चालू रखना संभव हो सकेगा। वहीं डोर टू डोर कलेक्शन की सुविधा भी बेहतर तरीके से शहर को दी जा सकेगी।
राजधानी में कूड़ा निस्तारण का काम निजी कंपनी ज्योति एनवायरो कर रही है। कंपनी पहले ही इसके लिए मिलने वाली टिपिंग फीस को बढ़ाने के लिए कह चुकी है। यह प्रस्ताव शासन के निर्देश के बाद अगले महीने होने वाली नगर निगम सदन की बैठक में रखा जाना है।
टिपिंग फीस भी बढ़ेगी
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि 2011 में हुए अनुबंध के मुताबिक कंपनी को 562 रुपये प्रति टन की दर से टिपिंग फीस देती थी। 2015 में ज्योति एनवायरो द्वारा आपत्ति के बाद इसे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
कंपनी का कहना है कि इस टिपिंग फीस में महंगाई बढ़ने के चलते उनका खर्च नहीं निकल सकता है। नगर निगम प्रशासन ने इसके बाद टिपिंग फीस बढ़ाने के लिए एक प्रस्ताव शासन को भेजा था। इसमें टिपिंग फीस करीब तीन गुना बढ़ाकर 1604 रुपये की जानी है।
टिपिंग फीस में होने वाली बढ़ोतरी नगर निगम पर हर साल करीब 48.8 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च बढ़ाएगी। यह बढ़ोतरी टिपिंग फीस में 1042 रुपये की सीधी बढ़ोतरी की वजह से है। टिपिंग फीस क्योंकि नगर निगम को देनी है। ऐसे में बढ़ी टिपिंग फीस का खर्च नगर निगम को ही उठाना होगा। इस आर्थिक बोझ का नगर निगम यूजर चार्ज से होने वाली वसूली से कम करना चाहता है।
अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव का कहना है कि यूजर चार्ज में बढ़ोतरी के बाद भी टिपिंग फीस का एक हिस्सा नगर निगम को वहन करना होगा। जरूरी बजट हमें बढ़े यूजर चार्ज से भी नहीं मिल पाएगा। इसकी वजह 100 प्रतिशत कवरेज का न होना है। यूजर चार्ज से नगर निगम को हर साल 75 करोड़ रुपये चाहिए।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
यूजर चार्ज बढ़ाया जाना जरूरी हो गया है। शहर को साफ रखना है तो इसकी कीमत भी लोगों को वहन करनी होगी। बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय सदन में होगा। (उदयराज सिंह, नगर आयुक्त)
टिपिंग फीस बढ़ने के चलते नगर निगम पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। इसे यूजर चार्ज बढ़ाकर ही कम किया जा सकता है। टिपिंग फीस पर निर्णय के बाद ही यूजर चार्ज पर फैसला होगा। (पीके श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त)