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लखनऊ हत्याकांड: पुलिस को शातिर अपराधी लग रहा है अरशद, उलझाने वाली हैं बताई बातें, हो सकता है नार्को टेस्ट

Fri, 03 Jan 2025 06:58 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

Lucknow massacre: पुलिस के सूत्रों के अनुसार अरशद और उसके पिता बदर काफी शातिर हैं। दोनों ने ऐसी कहानी रची, जिसने पुलिस को पूरी तरह उलझा दिया है। 
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पुलिस करा सकती है आरोपी का नार्को टेस्ट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 रिश्तों का कत्ल करने के आरोपी अरशद और उसका पिता बदर तीन मोबाइल फोन इस्तेमाल करते थे। वारदात के बाद आरोपी मोबाइल फोन होटल के कमरे में ही छोड़ गए। पुलिस ने तीनों मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें से कुछ नए वीडियो मिले हैं, पर पुलिस अधिकारी इस बारे में खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं।

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एडीसीपी मध्य मनीषा सिंह ने बताया कि कमरे से तीन मोबाइल फोन मिले थे। तीनों फोन को फॉरेंसिक टीम ने कब्जे में ले लिया है। मोबाइल फोन में क्या था इसका पता नहीं चल सका है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तीनों मोबाइल फोन आरोपी पिता-पुत्र के हैं। मोबाइल फोन में कुछ वीडियो मिले हैं, जिसमें बस्ती वालों के खिलाफ आरोपी बयान दे रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी अरशद व बदर काफी दिनों से बस्ती वालों के खिलाफ वीडियो बनाकर मोबाइल में रखे थे। यह उनकी साजिश का हिस्सा था। पुलिस अब तीनों मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाल रही है कि आरोपी पिता-पुत्र किन-किन लोगों से बात करते थे। कहीं ऐसा तो नहीं वारदात के पीछे किसी और का दिमाग हो। इस पहलू पर भी पुलिस टीम काम कर रही है।

लोको चौकी के पास आखिरी बार दिखा बदर

बेकसूर बच्चियों के साथ आरोपी पिता। - फोटो : अमर उजाला।
पुलिस की मानें तो आरोपी बदर बुधवार सुबह लोको चौकी के पास बने एक सीसीटीवी कैमरे में नजर आया। फिर वह लापता हो गया। इसके बाद सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं तो उसका पता नहीं चल सका। नाका पुलिस ने स्टेशन के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला, पर कुछ सुराग नहीं लग सका। बदर की तलाश में चार टीमें लगी हैं। जीआरपी भी उसे तलाश रही है। लखनऊ पुलिस ने आगरा और संभल पुलिस से भी संपर्क किया है। आरोपी बदर के भागकर अयोध्या और प्रयागराज जाने की भी आशंका है। नाका पुलिस ने दोनों जनपदों की पुलिस से संपर्क साधा है। इसके अलावा वह कुछ साल दिल्ली में भी रहा है। पुलिस की एक टीम वहां भी भेजी जा सकती है।

आरोपी का नार्को या पालीग्राफ टेस्ट करा सकती है पुलिस

murder - फोटो : amar ujala
पुलिस के सूत्रों के अनुसार अरशद और उसके पिता बदर काफी शातिर हैं। दोनों ने ऐसी कहानी रची, जिसने पुलिस को पूरी तरह उलझा दिया है। परिवार के पांच लोगों की हत्या करने का मकसद साफ न होने पर पुलिस अरशद का नार्को या पालीग्राफ टेस्ट करा सकती है। इससे उसका झूठ पकड़ा जा सकता है, पर इसके लिए कोर्ट से अनुमति लेनी होगी। इस संबंध में डीसीपी मध्य रवीना त्यागी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर विवेचना में सभी वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।

लखनऊ के होटल में हुई थी घटना, पांच लोगों की हत्या

लखनऊ के नाका स्थित होटल में बुधवार रात को टेढ़ी बगिया स्थित इस्लाम नगर निवासी 25 वर्षीय मोहम्मद अरशद ने मां और 4 बहनों की सामूहिक हत्या कर दी। हत्याकांड में उसका साथ पिता बदरुद्दीन ने भी दिया। सभी अजमेर से सोमवार को ही लखनऊ आए थे। होटल के कमरे में ठहरे हुए थे। हत्या से पहले आरोपी पिता-पुत्र ने सभी को शराब पिलाई थी। हत्याकांड के बाद अरशद ने वीडियो भी बनाया, जिसमें उसने अपने मोहल्ले के लोगों पर घर कब्जाने के लिए उत्पीड़न के आरोप लगाए। बाद में अरशद ने लोका पुलिस चाैकी पर पहुंचकर घटना की जानकारी दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। पिता बदर फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है।

डीसीपी मध्य रवीना त्यागी ने बताया कि बुधवार सुबह करीब सात बजे अरशद लोको पुलिस चौकी पहुंचा। उसने पुलिसकर्मियों को बताया कि उसने पिता के साथ मिलकर मां अस्मा (49), बहन अल्शिया (19), रहमीन (18), अक्सा (16) और आलिया (9 ) की हत्या की है। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो पता चला कि घटना नाका इलाके की है। इसके बाद नाका पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस होटल के कमरे में दाखिल हुई तो भीतर पांच शव बिस्तर पर पड़े थे।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में घरेलू विवाद घटना की वजह के रूप में सामने आई है। सभी एंगल से मामले की जांच की जा रही है। होटल के कमरे से हत्या में इस्तेमाल ब्लेड और दुपट्टा बरामद किया गया है।
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वीडियो में हत्या की वजह बताई

सोशल मीडिया पर आरोपी का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें वह कह रहा है, मैं अपने पूरे परिवार के साथ लाचारी और निराशा में यह कदम उठाने के लिए मजबूर हूं। जब पुलिस को यह वीडियो मिलेगा, तब तक मैं अपनी बहनों और खुद को मार चुका होऊंगा। मैं अनुरोध करता हूं कि पुलिस हमारे मोहल्ले के लोगों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराए जिन्होंने उसके घर पर कब्जा कर लिया है। मैंने आवाज उठाई लेकिन किसी ने नहीं सुनी। 10 दिनों से हम फुटपाथ पर सोने को मजबूर हैं। उसने मोहल्ले में परेशान करने वाले कुछ लोगों के नाम लिए हैं।
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