तीन दिन की सुरक्षा जांच के बाद मेट्रो निर्माण का काम बृहस्पतिवार रात शुरू हो गया। एलएमआरसी ने सबसे पहले कास्टिंग यार्ड में काम शुरू किया। इस कड़ी में 459वें यू-गर्डर की कास्टिंग कराई गई।
17 अप्रैल को शटरिंग गिरने के बाद प्रायोरिटी सेक्शन के 8.5 किमी में सभी महत्वपूर्ण काम सुरक्षा में कमी की आशंका में बंद करा दिए गए थे। अगले दिन से सेफ्टी ऑडिट शुरू हो गया था।
इसमें एलएमआरसी के अलावा एलएंडटी की हाई सेफ्टी टीम के सदस्य भी शामिल किए गए। तीन दिन तक निरीक्षण के बाद बृहस्पतिवार को फिर से टीम ने कास्टिंग यार्ड का दौरा किया। कास्टिंग यार्ड को सुरक्षित बताते हुए इसकी सूचना एमडी कुमार केशव को दी गई। इसके बाद एमडी ने काम शुरू करने की अनुमति दे दी।
एलएमआरसी के पीआरओ अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग के बीच कुल 535 यू-गर्डर की जरूरत है। इसमें से 458 की कास्टिंग अब तक एलएमआरसी करा चुका है। बृहस्पतिवार से 459वें यू-गर्डर की कास्टिंग का काम शुरू हो गया। सुरक्षा के सभी उपाय किए गए हैं।
बृहस्पतिवार को सुरक्षा जांच के लिए एलएंडटी खुद को मिली 48 घंटे की डेडलाइन में थर्ड पार्टी कंपनी का चयन नहीं कर सकी है। डेडलाइन खत्म होने के बाद देर शाम तक कंपनी के चयन की प्रक्रिया चल रही थी। एलएमआरसी के अधिकारियों का कहना है कि जल्दी ही कंपनी का चयन कर सुरक्षा जांच की एक और लेयर शामिल कर ली जाएगी।