फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अगले महीने शुरू हो जाएगा मेट्रो का काम

Tue, 29 Oct 2013 01:59 AM IST
ऋषि मिश्र/लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
अगले महीने से मेट्रो रेल परियोजना का काम जमीन पर उतारने की औपचारिक घोषणा मंगलवार को संभव है।
विज्ञापन


जिसमें सबसे पहले अमौसी से आलमबाग के बीच काम का आगाज होगा।

मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की अध्यक्षता में होने वाली हाईपावर कमेटी की बैठक में इस आशय की घोषणा किए जाने की पूरी संभावना व्यक्त की जा रही है।

मेट्रो के शिलान्यास की तिथि भी घोषणा मंगलवार को मीटिंग में किए जाने की उम्मीद की जा रही है।

इसके अलावा डिपो की भूमि गृह विभाग से आवास विभाग को ट्रांसफर किए जाने और तकनीकी समिति बनाए जाने के प्रकरण भी इस मीटिंग में पास किए जाएंगे।

गोरखधंधा!15 अगस्त को भी होती है शिक्षकों की ज्वॉइनिंग

सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सचिव जावेद उस्मानी को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने निर्देशित किया है कि, वे अतिशीघ्र मेट्रो परियोजना के निर्माण को शुरू करने की तैयारी करें।
विज्ञापन


इसलिए मंगलवार की शाम 5:00 बजे मुख्य सचिव आफिस में होने वाली हाईपॉवर कमेटी की मीटिंग खासी अहम हो गई है।

पहले चरण में अमौसी से आलमबाग के सात किमी के स्ट्रेच में मेट्रो काम शुरू करने की घोषणा किया जाना संभव है।

इसके नवंबर में शुरू होने और दिसंबर-2016 तक इस काम को खत्म कराने की कोशिश की जाए, यह निर्देश सरकार की ओर से दिए गए हैं।

इसी आधार पर काम करने का निर्देश हाईपॉवर कमेटी की मीटिंग में दिया जाएगा।

आगरा और कानपुर के लिए भी तैयारी
राजधानी में मेट्रो का काम शुरू होने के बाद आगरा और कानपुर में भी मेट्रो रेल परियोजना को लाने की कोशिश शुरू होगी।

इस संबंध में सबसे पहले स्टडी करवाई जाएगी। जिसके जरिये इन दोनों शहरों को मेट्रो परियोजना की कितनी आवश्यकता है, यह तय किया जाएगा।

मेट्रो के जरिये सरकार लेगी दोगुना लाभ
दिसंबर में शिलान्यास और 2016 में लोकार्पण। इन दो तिथियों को तय करने का सियासी मंतव्य भी है।

दरअसल शिलान्यास का फायदा प्रदेश सरकार आगामी लोकसभा चुनाव में लेना चाह रही है। जिससे लखनऊ सहित पूरे राज्य सरकार की विकासप्रिय छवि बनेगी।

दूसरी ओर, जब अमौसी से आलमबाग के पहले स्ट्रेल का लोकार्पण दिसंबर 2016 में होगा, तब सरकार के सामने 2017 के विधानसभा चुनाव होंगे।

दिसंबर-2016 के बाद कभी प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लग जाएगी। तब भी सरकार मेट्रो के सियासी सफर का फायदा उठाने की कोशिश करेगी।

इसीलिए ये दो खास महीने तय किए गए हैं। मगर एक सवाल यह भी है कि, उत्तर प्रदेश में अब तक किए जा रहे विकास कार्यों में जो स्थिति है, उससे मेट्रो परियोजना के भविष्य पर भी तमाम सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें