मेट्रो ट्रेन चलाने के अलावा एलएमआरसी चक गंजरिया सिटी में करीब एक लाख लोगों के रहने के इंतजाम भी करेगा। सीजी सिटी में करीब 178 एकड़ जमीन एलएमआरसी को मिलेगी। इसमें 70 फीसदी रिहायशी और 30 फीसदी के व्यावसायिक उपयोग का अधिकार कॉर्पोरेशन को होगा।
एलएमआरसी अपने कुल खर्च का 80 से 85 फीसदी टिकट बिक्री से और 15 से 20 फीसदी प्रॉपर्टी डवलपमेंट से जुटाएगा। इसके अलावा फाइनेंशियल रिवर्स रेवन्यू रेट (एफआईआईआर) के लिए भी 8.12 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति एलएमआरसी ने अन्य जरियों से अइर्जत करने का फैसला किया है।
एलएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने यह जानकारी बुधवार को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान दी। इस दौरान उन्होंने मेट्रो स्टेशन पर व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन की जानकारी भी दी।
बताया कि चारबाग को एक कॉमर्शियल हब बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। एमडी ने कहा कि एलएमआरसी को सबसे अधिक आय किराये से होगी। लोगों पर महंगे किराये का बोझ न पड़े, इसलिए हमने 80 से 85 फीसदी ही किराये से आय का लक्ष्य रखा है। हमारा जोर प्रॉपर्टी डवलपमेंट से आय पर होगा।
जमीन देने का फैसला सरकार का
उन्होंने बताया कि, एलएमआरसी के लिए 178 एकड़ भूमि सरकार ने तय की है। जिसके लिए चक गंजरिया में मानचित्र पर सीमांकन भी दर्ज कर दिया गया है। यहां हमको 70 फीसदी रेजीडेंशियल और 30 फीसदी कॉमर्शियल लैंडयूज भी दे दिया गया है।