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लखनऊ को ऐसे स्मार्ट सिटी बनाएंगी मेयर कैंडीडेट्स, जानिए किसकी क्या है प्लानिंग-

Mon, 20 Nov 2017 03:16 PM IST
प्रवेंद्र गुप्ता/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक फोटो
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करीब डेढ़ साल पहले शहर को स्मार्ट सिटी योजना में चुना गया। शहर को स्मार्ट कैसे बनाया जाए, इस पर करीब छह करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। पर, अब तक जमीन पर काम शुरू नहीं हो पाए। 
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स्मार्ट बनाने के नाम पर सिर्फ पुराने कामों को ही गिनाया जा रहा है। नए प्रोजेक्ट तो वित्तीय मंजूरी के झंझट में अटके पड़े हैं।

स्मार्ट सिटी की स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) सरकार को प्रोजेक्ट अनुमोदन के लिए भेज रही है जबकि सरकार कह रही है कि प्रोजेक्ट का अनुमोदन एसपीवी खुद करे। ऐसे में स्मार्ट सिटी योजना कैसे रफ्तार पकड़ेगी बड़ा सवाल  है।

स्मार्ट सिटी योजना में एरिया बेस्ड डवलपमेंट के लिए कैसरबाग क्षेत्र को चुना गया है। योजना के तहत इस क्षेत्र को मॉडल के तौर पर डवलप किया जाना है जहां पर सभी जनसुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध कराई जानी हैं। 
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स्मार्ट सिटी से जुड़े इन्हीं सब मसलों को लेकर महापौर प्रत्याशियों से बात हुई। वे कैसी स्मार्ट सिटी चाहती हैं पेश है रिपोर्ट...

ये कहती हैं हमारी प्रमुख महापौर प्रत्याशी

भाजपा प्रत्याशी संयुक्ता भाटिया। - फोटो : अमर उजाला
फाइव एस पर करना होगा काम
भाजपा प्रत्याशी संयुक्ता भाटिया कहती हैं कि स्मार्ट सिटी का मतलब है शहर सुंदर, स्वच्छ, सुनियोजित, सुव्यवस्थित और सुरक्षित हो। इन फाइव एस पर काम करना होगा। मैं चाहूती हूं कि लखनऊ को पांच साल में इस तरह बना दूं कि इसका दूसरे प्रदेश वाले उदाहरण दें।

स्मार्ट सिटी योजना में शहर चुन लिया गया है। उसकेलिए ट्रैफिक मैनेजेमेंट, कचरा प्रबंधन, पेयजल, सफाई, बिजली, मार्ग प्रकाश और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जो भी व्यवस्थाएं हैं उनको बेहतर किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर काम किया जाएगा। अतिक्रमण और जाम की समस्या को भी दूर किया जाएगा। तकि एक सुुंदर और नियोजित शहर बन सके।
 

पहले बुनियादी सुविधाएं तो मिलें

बसपा प्रत्याशी बुलबुल गोदियाल - फोटो : amar ujala
बसपा प्रत्याशी बुलबुल गोदियाल कहती हैं कि शहर खूससूरत हो और सुविधाओं से भरपूर हो, ऐसे ही शहर कोे स्मार्ट सिटी कहा जाता है। सिर्फ नारों और जुमलों से काम नहीं चलेगा। करके दिखाना होगा। अभी तो लोगों को पानी, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं ही नहीं मिल पा रही हैं। इनके लिए ही परेशानी उठानी पड़ रही है। पिछले बीस साल में भाजपा ने कोई काम नहीं किया। नए शहर में तो कुछ सुविधाएं दिखती भी हैं पर पुराने शहर की हालत बहुत खराब है। स्मार्ट सिटी केमायने शहर में ट्रैफिक सिस्टम बेहतर हो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम अच्छा हो, कचरा प्रबंधन बेहतर हो। पार्क सुंदर हों और अतिक्रमण न हो।

शहरवासियों की राय से बनेगी स्मार्ट सिटी

सपा प्रत्याशी मीरा वर्धन - फोटो : amar ujala
सपा की मेयर कैंडीडेट मीरा वर्धन का कहना है कि शहर को स्मार्ट बनाने के लिए पब्लिक का भी सहयोग लेना पड़ेगा। यह भी जानना होगा कि पब्लिक की जरूरते क्या हैं। स्मार्ट सिटी की बात हो रही है, पर अभी कुछ दिख नहीं रहा है। ट्रैफिक सिस्टम, कचरा प्रबंधन, वाटर एंड सीवरेज सिस्टम और पब्लिक ट्रांसपोर्ट-पार्किंग को ठीक कर दिया जाए तो शहर स्मार्ट हो जाएगा। अभी यह सब जनुसविधाओं पटरी से उतरी हुई हैं। शहरवासियों को मूलभूत सुवधिाएं जब तक नहीं मिलेंगी तब हम स्मार्ट सिटी कैसे बन सकते हैं। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए जो जरूरी कदम होंगे वह उठाए जाएंगे।

कागजी बात करके नहीं चलेगा काम

कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमा अवस्थी। - फोटो : amar ujala
कांग्रेस की प्रेमा अवस्थी बोलीं कि शहर सुंदर हो जनसुविधाएं बेहतर हों, यह कौन नहीं चाहता। सिर्फ कागजी बात करके कुछ नहीं हो सकता। पूरे शहर में जाम लग रहा है। अतिक्रमण है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम अच्छा नहीं है। इन सबको लेकर कुछ नहीं हो रहा है। एक साल से सिर्फ स्मार्ट सिटी बनाने की बात ही हो रही है। अभी कोई काम तो जमीन पर हुआ नहीं है। यह जरूर हुआ है जो काम पहल से हो चुके हैं उन्हीं को स्मार्ट सिटी केनाम पर गिनाया जा रहा है। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए सबसे पहले जो जनता की मूलभूत जरूरतें हैं उनको पूरा करेंगे।

छोटे-छोटे काम करेंगे तो अपने आप ही शहर को जाएगा स्मार्ट

आप प्रत्याशी प्रियंका महेश्वरी - फोटो : amar ujala
आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी प्रियंका महेश्वरी ने कहा कि लोगों को पीने का साफ पानी मिले, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स की समस्याएं समाप्त हाें। ई-रिक्शा और टैम्पो स्टैंड्स को बेहतर किया जाए। वहां पर जनसुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। कचरा प्रबंधन को बेहतर किया जाए। ट्रैफिक जाम से लोगों को राहत मिले।

इस तरह के छोटे-छोटे काम होंगे तो शहर अपने आप स्मार्ट हो जाएगा। दूसरे दल महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट की बात कर रहे हैं मगर इतने साल में बनाए नहीं। सिर्फ बात करने से काम नहीं चलेगा। काम करना होगा। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए नीयत साफ होनी चाहिए।

यह सब होगा स्मार्ट सिटी में

- फोटो : डेमो पिक
जीवंत लखनऊ : शहर में ड्रेनज, वाटर सप्लाई, अंडरग्राउंड केबलिंग, स्मार्ट मीटिरिंग, एलईडी लाइटिंग, पीएनजी सप्लाई, स्मार्ट ग्रिड, रेन वाटर हार्स्वेस्ंिटग, वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट, मलिन बस्तियों का विकास, पार्कों का सौंदर्यीकरण, ओपेन जिम व वाई-फाई।

सुगम लखनऊ : फुटपाथ का विकास, कैसरबाग व ग्लोब पार्क में नई मल्टीलेवल पार्किंग, स्मार्ट पार्किंग सॉल्यूशन, स्मार्ट ट्रैफिकिंग, रोड एंड जंक्शन इम्प्रूवमेंट, सीसीटीवी, इमरजेंसी कॉल पॉइंट।

स्वच्छ लखनऊ : सीवर सिस्टम को ठीक करना, नाला व सीवर को अलग करना, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन मे जीपीएसव आईसीटी का प्रयोग बढ़ाना,  सेंसर युक्त स्मार्ट बिंस, कम्युनिटी बिंस, पब्लिक एंड कम्युनिटी टॉयलेट का अपग्रेडेशन।

समृद्ध लखनऊ : अवध वॉक, बीएचएम पार्क में रीक्रिएशन स्पेस, छतर मंजिल में इंटरनेशनल कल्चरल एंड हेरीटेज सेंटर की स्थापना, सिब्तैनाबाद इमाम बाड़ा में पर्यटक सूचना केंद्र बनाना, लाल बारादरी में फसाड लाइटिंग, रोशनदौला कोठी में आर्कियोलाजी रिसर्च एडं हेरिटेज सेंटर की स्थापना कैसरबाग मैरिस मार्केट का जीर्णोद्धार।
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इन कामों से है शहर को स्मार्ट बनाने की तैयारी

- फोटो : डेमो फोटो
- 85 इमरजेंसी कॉल पॉइंट बनाए जाएंगे
- 108 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे
-14 आधुनिक पुलिस बूथ बनाए जाएंगे
- तीन नए शेल्टर होम बनाए जाएंगे
-850 किलो लीटर डेली क्षमता का वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा

-रेन वाटर हार्वेस्टिंग 20 बड़ी इमारतों में किया जाएगा
-1281 किलोवाट के सोलर पैनल लगाए जाएंगे
-108 ट्रांसफार्मर नए स्थान पर लगाए जाएंगे
-114 किमी अंडर ग्राउंड इलेक्ट्रिक डिस्ट्रिब्यूशन केबल बिछाई जाएगी
-कवर्ड ड्रेनेज सिस्टम-17 किमी बनाया जाएगा

-बिजली, फोन व इंटरनेट केबल और वाटर सप्लाई पाइप लाइन बिछाने के लिए 80 किमी लम्बाई में यूटीलिटी डक्ट बनाई जाएगी
-480 स्मार्ट रोड बिंस रखे जाएंगे
-325 बसों में जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगाई जाएगी
-एक बस ऑपरेशन कमांड सेंटर बनाया जाएगा
-बसों के लिए ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम बनाया जाएगा

-1.90 लाख स्मार्ट मोबिलिटी कार्ड बनाया जाएंगे
-91 हजार एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी
-179 चौराहों पर इंटेलीजेंट ट्रैफिक सिग्नल सेंसर लगाए जाएंगे
-70 स्थानों पर स्मार्ट सिटी सर्विलांस सिस्टम बनाया जाएगा।
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