सीएफओ मंगेश कुमार और एफएसओ सरोजनीनगर दो गाड़ियों और टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। दमकल कर्मी दो भागों में बंट गए और आग पर काबू पाने की कोशिश करने लगे। मगर आग और विकराल होती चली गई। ऐसे में फायर स्टेशन हजरतगंज, आलमबाग, चौक और पीजीआई से भी 12 गाड़ियां बुलाई गईं। एक टीम हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म पर चढ़कर छत तक पहुंची और आग पर काबू पाने लगी। जबकि दूसरी टीम नीचे रेस्क्यू कार्य कर रही थी।
अमौसी इलाके में लगी भीषण आग।
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दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पांच घंटे में आग को पूरी तरह से बुझा लिया। इसके बाद दमकल कर्मियों को मालिक और कर्मचारियों के फैक्टरी में फंसे होने की जानकारी मिली। दमकल ने स्मोक एग्जॉस्ट से धुआं बाहर निकाला। फिर वीआर सेट पहनकर वे फैक्टरी में दाखिल हुए और दोनों का पता लगाने लगे। इस बीच एसडीआरएफ जवान भी मौके पर पहुंच गए। टीम ने दस मिनट में दोनों के शव बाहर निकाल लिए।
एडीसीपी दक्षिणी अमित कुमावत ने बताया कि फैक्टरी काफी समय से बंद चल रही थी। तीन दिन पहले ही अखिलेश ने दोबारा फैक्टरी का संचालन शुरू किया था। तभी किसी चीज में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। हादसे में मालिक अखिलेश और कर्मचारी अबरार की मौत हुई है। उधर, दुकानदारों ने फैक्टरी का संचालन काफी समय से होने की बात कही है। वहीं, एफएसओ सरोजनीनगर का दावा है कि फैक्टरी काफी समय से बंद थी। उसमें बेकरी का संचालन होता था।