तेंदुए की सूचना के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम अधूरे इंतजाम के साथ लॉन पहुंच गई। इस दौरान कर्मियों के सिर पर न तो हेलमेट थे और ना ही बदन पर लाइफ जैकेट। तेंदुए या फिर अन्य किसी जंगली जानवर के रेस्क्यू के दौरान ये उपकरण बेहद जरूरी होते हैं। इसके बावजूद मौके पर पहुंचे एक भी वनकर्मियों के बदन पर हेलमेट या जैकेट नहीं दिखाई दिए। इसके बाद ऊपर जाने के दौरान जब तेंदुए ने हमला किया तो फिर कर्मियों ने गोली चला दी। गोली चलने के वीडियो में यह चर्चा होती भी सुनाई दीकि तेंदुए को गोली लगी है। वन्यजीव को अबोध माना जाता है। भटकर आए तेंदुए को पकड़ने के प्रयास के बजाय सीधे ही उस पर गोली चलाने की नौबत आ गई।
एमएम लॉन बुद्देश्वर चौराहे से कुछ ही दूरी पर अवध चौराहे से दुबग्गा लाने वाली मुख्य रिंग रोड पर स्थित है। लॉन के आसपास भी काफी बस्ती है। समारोह में भी तीन सौ से ज्यादा जमा थे। इनके बीच तेंदुआ कब आकर दूसरी मंजिल पर पहुंच गया, किसी को पता नहीं चला। इसको लेकर आसपास के क्षेत्र में भी लोगों में दहशत फैल गई। सभी के बीच यही चर्चा थी कि आखिर इतनी भीड़ के बावजूद तेंदुआ वहां कैसे पहुंच गया।
क्षेत्र से काफी दूर है जंगल
एमएम लॉन क्षेत्र रिहायशी क्षेत्र में यहं से नजदीकी जंगल भी कम से कम 10 किलोमीटर की दूरी पर है। जंगल से बीच में काफी गांव और घनी आबादी पड़ती है। इसके बाद भी तेंदुआ लॉन तक पहुंचा और किसी की निगाह में नहीं आया।
दीपक का हाथ फ्रैक्चर, पैर टूटा
लॉन में भवन की दूसरी मंजिल से कूदने वाले दीपक के हाथ में फ्रैक्चर हो गया और उसका पैर भी टूट गया है। जल्दी से उसे पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
रेंजर बोले बाल-बाल बच गए
तेंदुए की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे कछौना क्षेत्र के रेंजर विनय कुमार ऊपरी मंजिल पर जा रहे थे। तभी तेंदुए ने हमला किया तो वे सीढ़ियों पर गिर गए। इस बीच तेंदुए ने मलिहाबाद में तैनात दरोगा पर हमला बोलकर उनको घायल भी कर दिया। गोली चलाकर साथियों ने तेंदुए को भगाया। इसके बाद रेंजर बोले कि आज तो बाल-बाल बच गया। हालांकि इसके बाद वे खुद जाल लेकर सीढ़ी लगाकर ऊपर चढ़े और तेंदुए की स्थिति का जायजा लिया। उनकी मदद के लिए अन्य अन्य अधिकारी भी पहुंच गए।