अपराध और आंकड़े
हत्याएं - 09
कुल अपहरण - 844
शादी के लिए लड़की का अपहरण - 286
यौन अपराध (अप्राकृतिक) : 11
पॉक्सो (दुराचार व यौन हिंसा) : 81
12 गुना बढ़े लंबित मामले : पुलिस की लचर कार्रवाई
पुलिस की लचर कार्रवाई से 12 गुना बढ़े लंबित मामले
- बच्चों के मामलों में लखनऊ पुलिस की कार्यशैली भी ढीली पड़ जा रही है।
- लखनऊ में दर्ज हुए 956 मामलों के अलावा पुलिस के सामने पूर्व के 35 मामले भी 2016 में लंबित थे। इनमें से :
- 393 मामलों को सही पाते हुए भी फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई क्योंकि उचित साक्ष्य नहीं मिल पाए थे। केवल दो मामले फर्जी पाए गए।
- महज 161 मामलों में पुलिस कोर्ट में चार्जशीट दायर कर पाई। यानी चार्जशीट रेट केवल 29 प्रतिशत रहा, जबकि देश का औसत 42 प्रतिशत है।
- 435 मामले इस तरह 2017 के लिए लंबित रह गए, जबकि 2016 लंबित मामलों की संख्या केवल 35 थी।
- 2016 में 161 मामलों में चार्जशीट दायर। पहले के 552 मामले लखनऊ की निचली अदालत में चल रहे थे।
- 64 मामलों का ही ट्रायल पूरा हो सका।
- 34 को ही सजा हुई, 30 आरोपी अलग-अलग वजहों से रिहा।
- 649 मामले लंबित जो कुल चल रहे मामलों का 91 प्रतिशत है।