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Lucknow AVP Board Meeting: आवास विकास परिषद ने किश्तों पर कम की ब्याज दर, जानें- नामांतरण शुल्क, विकास आदि पर क्या हुआ निर्णय

Fri, 24 Jun 2022 10:04 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

प्रमुख सचिव आवास की अध्यक्षता में आवास विकास परिषद मुख्यालय में बोर्ड बैठक हुई। बैठक में किश्तों पर आधा प्रतिशत ब्याज करने प्रस्ताव पास हुआ है। साथ ही नामांतरण शुल्क भी घटाया गया है। अयोध्या-मथुरा की योजनाओं में विकास के लिए 188 करोड़ के बजट मंजूरी मिली है। इसके अलावा संशोधित आवंटन-पंजीकरण नियमावली पास हुी है। वहीं आवास विकास अपनी कॉलोनियों में यूजर चार्ज और विज्ञापन का काम ठेके पर देगा। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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लखनऊ आवास विकास परिषद ने किश्तों पर लिए जाने वाले ब्याज की दर आधा प्रतिशत घटा दी है। इससे आवंटियों को उसका फायदा मिलेगा। शुक्रवार को हुई बैठक में यह प्रस्ताव पास कर दिया गया। इसके साथ ही बोर्ड में चालू वित्तीय वर्ष के बजट को भी पास कर दिया गया। जिसमें अयोध्या व मथुरा आवासीय योजना के लिए 188 करोड़ रुपये का बजट विशेष रूप से पास किया गया। बोर्ड ने संपत्तियों के आवंटन और नीलामी की संशोधित नियमावली को भी पास कर दिया है। जिसके बाद अब दिव्यांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को विशेष फायदा होगा। उन कॉलोनियों में कूड़ा कलेक्शन को लेकर यूजर चार्ज और प्रचार का ठेका देने का प्रस्ताव भी बोर्ड ने पास कर दिया जो कॉलोनियां अभी आवास विकास परिषद ने नगर निगम को रखरखाव के लिए हैंडओवर नहीं की हैं। इसके अलावा बोर्ड बैठक में फर्जी रिफंड मामले में दोषी पाए गए रिटायर्ड कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू किए जाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी।

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प्रमुख सचिव आवास की अध्यक्षता में आवास विकास परिषद मुख्यालय में हुई बोर्ड बैठक में किश्तों पर आधा प्रतिशत ब्याज करने का जो प्रस्ताव पास हुआ है उसके बाद अब 10 लाख मूल्य तक की संपत्ति पर नौ प्रतिशत, 10-25 लाख तक की संपत्ति 10 प्रतिशत और 25 लाख से अधिक कीमत की संपत्ति पर 10.50 प्रतिशत ब्याज लिया जाएगा। राजधानी की आम्रपाली योजना और वृंदावन योजना बिना पैसा जमा किए ही जगत नारायण शुक्ला व उसके परिवार के सदस्यों द्वारा रिफंड लेकर आवास विकास परिषद को पांच करोड़ से अधिक का चूना लगाए जाने के बाद बोर्ड में लाई गई संपत्ति आवंटन और नीलामी की संशोधित नियमावली मंजूर होने के बाद अब स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों को भी आवंटन में आरक्षण दिया जाएगा। अभी विधायक, सांसद और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों संपत्ति के आवंटन में आवास विकास परिषद पांच प्रतिशत का आरक्षण देती है, लेकिन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के लिए कोई प्रावधान नहीं था। अभी तक दिव्यांगों को सिर्फ संपत्ति के आवंटन में ही पांच प्रतिशत का आरक्षण था, लेकिन नई नियमावली पास होने से अब उनको कीमत में भी छूट दी जाएगी। जो प्रावधान किया गया है उसमें सामन्य रूप से दिव्यांगजन को 10 प्रतिशत और गंभीर दिव्यांगजन को 20 प्रतिशत छूट दी जाएगी।

नगर निगम को हस्तांतरित कॉलोनियों में कम हुआ नामांतरण शुल्क
परिषद सचिव नीरज शुक्ला ने बताया कि परिषद की सभी कालोनियों में सम्पत्त्ति केनामांतरण पर एक प्रतिशत शुल्क लिया जाता था मगर अब जो कालोनियां नगर निगम को हैंडओवर हो चुकी हैं उनमें नामांतरण शुल्क कम किया गया है। जो संपत्तियों पांच लाख तक कीमत की होंगी उन पर 200 रुपए, पांच लाख से दस लाख तक की सम्पत्त्ति पर 300 रुपए और 10 लाख से 20 लाख रुपए तक की सम्पत्त्ति पर 500 रुपए नामांतरण शुल्क लिया जाएगा।  जो कालोनियां नगर निगम को हैंडओवर नहीं हैं उनमें सम्पत्ति की कीमत का एक प्रतिशत नामांतरण शुल्क लिया जाएगा। इसी तरह जो सम्पत्तियां 20 लाख  रुपए कीमत से अधिक हैं चाहें वह नगर निगम को हैंडओवर कालोनी में हों या न हों उन सभी में एक प्रतिशत ही नामांतरण शुल्क लिया जाएगा। 

सिर्फ पंजीकरण जमा वाली संपत्तियों का नहीं होगा पुनर्जीवन
आवास विकास परिषद अब उन संपत्तियों को निरस्त किए जाने केबाद पुनर्जीवित नहीं करेगा जिनमें सिर्फ पंजीकरण राशि ही जमा होगी। अभी तक ऐसी सम्पत्तियां पुनर्जीवन शुल्क केसाथ बहाल हो जाती थीं। जो अब नहीं हो पाएगीं। इसके अलावा जो संपत्तियों परिषद के कब्जे में हैं उनको भी तभी बहाल किया जाएगा जिनका 15 प्रतिशत पैसा जमा होगा। ऐसे मामलों में शर्त रहेगी की आवंटी को 60 दिन में सम्पत्ति की कीमत का पूरा पैसा जमा करना होगा।

विलंब शुल्क माफ करने का अधिकार बांटा
रखरखाव शुल्क माफ करने को लेकर अभी तक पूरा अधिकार जोनल स्तर पर था मगर अब धनराशि के हिसाब से बांट दिया गया। बोर्ड में पास हुए प्रस्ताव केबाद अब जोन 50 हजार रुपए तक जोन स्तर पर, 50 हजार से एक लाख तक सचिव स्तर पर, एक लाख से पांच लाख रुपए तक आास आयुक्त स्तर पर और पांच लाख से अधिक का अधिकार बोर्ड स्तर पर रहेगा।

बजट में अयोध्या व मथुरा को मिले 188 करोड़
चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए परिषद ने 24 अरब 96 करोड 09 लाख रुपए का बजट पास किया है। जिसमें अयोध्या व मथुरा आवासीय योजना के लए 188 करोड़ का बजट पास किया गया है। जिसमें अयोध्या के लिए 158 करोड़ और मथुरा आवासीय योजना के लिए 30 करोड़ का बजट विकास कार्यों के लिए दिया गया है। सचिव ने बताया तक आयोध्य योजना की योजना 1194 एकड़ की है। जिसमें पहले फेज में 588 एकड़ में सड़क, पानी, सीवर आदि अन्य विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे। इसकी शुरुआत जल्द होनी वाली है। उसके लिए बजट प्रावधान किया गया है। इसकी तरह मथुरा केवृंदावन में प्रस्तावित 250 एकड़ की आवासीय योजना में कार्य शुरू करने को लेकर अभी 30 करोड़ का बजट पास किया गया है।
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बोर्ड में यह प्र्रस्ताव भी हुए पास
  • समूह में फ्लैट खरीदने वालों को आवास विकास परिषद अब 15 से 25 प्रतिशत तक की छूट 31 मार्च 2023 तक देगा। सचिव आवास विकास परिषद नीरज शुक्ला ने बताया कि 25 से 49 फ्लैट एक साथ खरीदने वालों को 15 प्रतिशत और 50 से अधिक फ्लैट खरीदने वालों को 25 की छूट दी जाएगी।
  • नगर निगम की तरह अब आवास विकास परिषद की अपनी योजनाओं में सफाई और कूड़ा उठान को लेकर आवंटियों से यूजर चार्ज लेगा। दर भी नगर निगम की तहर ही रहेंगी।
  • गाजियाबाद की सिद्घार्थ विहार योजना केपास डम्प कूडे़ के निस्तारण को लेकर पांच करोड़ और का बजट जारी करने को मंजूरी
  • परिषद कर्मचारियों चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्रस्ताव पास
  • एनपीएस योजना में कर्मचारियों के अंशदान को लेकर भुगतान किए जाने का प्रस्ताव शासन भेजे जाने को मंजूरी
  • आवास विकास मुख्यालय में 41 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया जाएगा
  • राजाजीपुरम व इंदिरा नगर में भुगतान में देरी पर निरस्त ई डब्लूएस व एलाआई केसात मकानों का निरस्तीकरण बहाल करना
  • गोरखपुर बेतिहयाहाता दक्षिणी योजना में 13 लोगों की जमीन को वर्तमान दर पर अर्जन मुक्त करना
  • वसीयत वाली संपत्तियों का नामांतरण सिविल कोर्ट के आदेश के बाद
  • आवंटी की मृत्यु की दशा में सभी हकदारों के नाम होगा नामांतरण, अनापत्ति लेकर एक व्यक्ति के नाम नहीं होगा नामांतरण
  • ऑनलाइन सिस्टम में आरटीजीएस व एनईएफटी से ही जमा होगा पैसा, डिमांड ड्राफ्ट नहीं होगा स्वीकार
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