विदेश में पढ़ाई और फिर नौकरी के बाद कुछ ही लोग होते हैं जो अपने वतन लौटते हैं। जो आते भी हैं वो भी किसी खास काम से ही। इनमें से कुछ ही ऐसे होते हैं जो विदेश में पढ़ाई कर उसका लाभ अपने शहर या देश की भलाई में लगाते हैं।
इन्हीं में से एक हैं लखनऊ की पल्लवी बिश्नोई जो अमेरिका में पढ़ाई और फिर यूके, नार्वे में काम करने के बाद अब लखनऊ में पानी बचाने और जल शोधन प्रक्रिया के प्रति लोगों को जागरूक कर रही हैं।
महानगर निवासी और पेशे से इंजीनियर पल्लवी ने इसके लिए एक ऐसी कंपनी बनाई है, जो लोगों को जल शोधन के लिए वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम के आसान उपकरण और इसकी जरूरत के लिए जागरूक करने का काम कर रही है। अपनी इस पहल के लिए पल्लवी को वीमेन एंपावरमेंट क्वेस्ट (डब्ल्यूईक्यू)-2017 में देशभर की 10 महिलाओं में चुना गया।
डब्ल्ल्यूईक्यू-2017 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, केंद्र सरकार के सहयोग से ग्रास हूपर सेलिब्रेशन इंडिया (जीएचसीआई) व द इंडो यूएस साइंस एंड टेक्नोलॉजी फोरम (आईयूएसएसटीएफ) ने देश की ऐसी 10 महिलाओं का चयन किया, जिन्होंने तकनीक की मदद से पर्यावरण और लोगों की मदद के लिए उद्यम खड़े किए।
बंगलूरू में इसकी प्रक्रिया 17 नवंबर को पूरी हुई है। इनमें लखनऊ की पल्लवी बिश्नोई, सह-संस्थापन व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ), रीयल टाइम रिन्यूएबल्स (आरटीआर) को भी चुना गया।
पल्लवी अब इन 10 महिलाओं के साथ सिलिकॉन वैली, बंगलूरू में पॉलिसी मेकर्स, स्टेक होल्डर्स और दूसरे उद्यमियों के बीच अपने अनुभव साझा करेंगी। बैठकें अप्रैल और मई 2018 में सिलिकॉन वैली में आयोजित की जाएगी।