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'वो कमजोर नहीं थी, दरिंदे का मुंह नोच लेती'

Thu, 24 Jul 2014 02:20 AM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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‘भाभी इतनी कमजोर नहीं थी कि दरिंदे का मुंह तक नहीं नोंच सकीं।’ मोहनलालगंज कांड में पुलिस की थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए मृतका के देवर ने कहा कि वारदात अकेले रामसेवक ने नहीं की।
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उसके साथ जरूर कुछ और लोग होंगे जिन्हें पुलिस बचाने की कोशिश कर रही है। देवरिया के एक सरकारी स्कूल में अध्यापक देवर ने कहा कि भाभी ने किडनी भले ही दान कर दी हो लेकिन शारीरिक रूप से कमजोर नहीं थीं।

वह देवरिया से बस से दो बोरे राशन अकेले ही लाती थीं। अगर सिर्फ एक व्यक्ति होता तो स्वाभाविक रूप से उसके मुंह पर हमला करतीं।

गार्ड के चेहरे पर खरोंच के निशान नहीं

मृतका के देवक के अनुसार पुलिस ने जिस रामसेवक को गिरफ्तार किया है, उसके सिर्फ हाथों में ही खरोंच के निशान हैं।

गले या शरीर के अन्य हिस्सों में कोई निशान नहीं है। इससे स्पष्ट है कि उसके साथ और भी लोग होंगे।

देवर ने कहा कि भाई की मौत के बाद भाभी और बच्चे लखनऊ में अकेले कैसे रहेंगे, इस बात से पूरा परिवार परेशान था।

उन्हें कई बार लखनऊ से गांव चलने के लिए कहा लेकिन वह तैयार नहीं हुईं।
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निकाला पानी पर नहीं मिला मोबाइल

मोहनलालगंज कांड की शिकार महिला और आरोपी रामसेवक यादव का मोबाइल फोन तलाशने के लिए पुलिस ने बुधवार को भी सुबह से शाम तक कवायद की, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन अभी नहीं मिला है।

आरोपी रामसेवक की रिमांड बृहस्पतिवार सुबह खत्म होने के बाद उसे जेल भेजा जाएगा। पुलिस की टीम बुधवार सुबह से ही रामसेवक को लेकर बलसिंहखेड़ा गांव में प्राथमिक विद्यालय पहुंच गई थी।

यहां एक बार फिर रामसेवक से मोबाइल फोन छीनकर फेंकने की जगह के बारे में पूछताछ की। रामसेवक पुलिस को उसी जगह ले गया जहां पहले दिन ले गया था। वहां आसपास झाड़ियां और पानी व कीचड़ से भरे गड्ढे थे।

पुलिस टीमों ने फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों की मदद से जेनरेटर व मोटर लगाकर पानी निकाला। इसके बाद कीचड़ में मोबाइल फोन की तलाश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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