डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के जालसाज को एसटीएफ ने पलासियो मॉल के पास से शुक्रवार को गिरफ्तार किया। मध्य प्रदेश के विदिशा स्थित जलकपुरा निवासी प्रदीप सोनी ने साथियों संग मिलकर प्रोफेसर डॉ. बीएन सिंह को डिजिटल अरेस्ट कर 95 लाख रुपये हड़पे थे। आरोपी के दो साथियों को एसटीएफ ने महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया था।
एसटीएफ में एएसपी विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक आरोपियों ने प्रो. बीएन सिंह को छह अप्रैल को व्हाट्सएप कॉल की। खुद को दीपक कुमार श्रीवास्तव बताते हुए कहा कि कुरियर कंपनी ब्लू डॉट से बोल रहे हैं। आपके नाम से अवैध पार्सल पकड़ा गया है, जिसके संबंध में पुलिस अधिकारी बात करेंगे। फिर पुलिस अधिकारी बनकर ठगों ने बीएन सिंह को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 95 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाए थे।
छानबीन में पता चला कि साइबर क्राइम में इस्तेमाल किए गए खाते में ठगी के 1.40 करोड़ रुपये मंगवाए गए थे। ठगों ने पीड़ित की रकम 420 ट्रांजेक्शन से 11 लेयर तक के बैंक खातों में ट्रांसफर की थी। साइबर टीम ने साक्ष्य एकत्र कर 24 जुलाई को महाराष्ट्र से खाताधारक मो. इकबाल व शाइन इकबाल को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि वह वर्ष 2004 से सितंबर 2024 तक भोपाल में पारस महल ज्वैलर्स के यहां नौकरी करता था। विवाद होने पर उसने नौकरी छोड़ दी। 2024 की दीपावली के समय रिश्तेदार अखिलेश के माध्यम से उसकी मुलाकात अमित से हुई। उसने रोहित लोधी से मिलवाया। रोहित ने बताया कि वह बैंक खाते किराये पर लेकर उनमें साइबर ठगी की रकम मंगवाता है।
इसके लिए प्रति खाता 10 हजार रुपये एडवांस देता है। इसके अलावा जितनी रकम खाते में आती है, उसके हिसाब से कमीशन देता है। प्रदीप ने रोहित को 10 बैंक खाते दिए। जनवरी और फरवरी में रोहित ने इनमें साइबर ठगी की रकम मंगवाई। इसके एवज में प्रदीप को पैसे मिले। इसके बाद वह रोहित के पास आने-जाने लगा।
प्रदीप ने बताया कि वह बैंक खातों के एटीएम कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, किट की जानकारी रोहित को देता था। आरोपी ने विदिशा, भोपाल, रायसेन व अन्य जिलों में खाते खुलवाए थे। वह डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन गेमिंग, शेयर ट्रेडिंग, होटल रेटिंग फ्रॉड से आने वाली रकम को एटीएम से निकालकर रोहित को सीडीएम मशीन से भेजता था। इसका भी कमीशन मिलता था। आरोपी ने बताया कि गिरोह में कई और लोग भी शामिल हैं, जो तकनीकी काम देखते हैं। एसटीएफ इनका पता लगा रही है।