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लखनऊ : हेलो राइड कंपनी का मालिक जालसाज अभय गिरफ्तार, पुलिस ने राजाजीपुरम इलाके से दबोचा

Sun, 28 Nov 2021 06:51 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

अभय ने बताया कि उसने आजम अली के साथ मिलकर 2013 में इनफिनिटी वर्ड इंफ्रावेंचर कंपनी की शुरूआत की थी। जो रियल एस्टेट का काम करती थी। कंपनी सस्ते दाम में प्लाट देने के नाम पर किस्त के रूप में लोगों से रुपये जमा कराती थी। कंपनी ने लोगों को कम समय में निवेश की गई रकम को दो गुना करने का लालच देकर ठगी की।
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विस्तार
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हजरतगंज पुलिस ने एक अरब रुपये निवेश कराकर हड़पने वाले जालसाज को दबोच लिया है। पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया जालसाज हेलो राइड कंपनी का मालिक है। उसने करीब 10 हजार निवेशकों से एक अरब से अधिक रुपये का निवेश कराया। इसके बाद रुपये लेकर फरार हो गया। उस पर डीसीपी पूर्वी ने 25 हजार रुपये का इनाम रखा था। आरोपी कंपनी मालिक के खिलाफ लखनऊ के दो थानों विभूतिखंड व हजरतगंज में 36 मुकदमें दर्ज हैं।

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डीसीपी मध्य डॉ. ख्याति गर्ग के मुताबिक हजरतगंज पुलिस ने शनिवार देर रात को राजाजीपुरम इलाके से बड़े ठग अभय कुशवाहा उर्फ निर्मल कुशवाहा को गिरफ्तार किया। अभय कुशवाहा जानकीपुरम के जानकी विहार कालोनी का रहने वाला है। उसके खिलाफ सबसे अधिक विभूतिखंड थाने में 35 व हजरतगंज थाने में एक मुकदमा दर्ज है। आरोपी अभय कुशवाहा की करीब ढाई साल से तलाश चल रही थी।

पांच साल में ठगे एक अरब से अधिक
प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज श्याम बाबू शुक्ला के मुताबिक पूछताछ में अभय कुशवाहा ने बताया कि उसने आजम अली के  साथ मिलकर 2013 में इनफिनिटी वर्ड इंफ्रावेंचर कंपनी की शुरूआत की थी। जो रियल एस्टेट का काम करती थी।  कंपनी सस्ते दाम में प्लाट देने के नाम पर किस्त के रूप में लोगों से रुपये जमा कराती थी। इस कंपनी अभय कुशवाहा, आजम अली, नीलम वर्मा, शकील अहमद खान और कुछ और लोग थे। इसके बाद वर्ष 2017 में ओजोन इनफिनिटी वर्ड एग्रो प्रोड्यूसर नाम की कंपनी बनाई। इस कंपनी में भी अभय कुशवाहा, नीलम वर्मा, आजम अली, निखिल कुशवाहा, राजेश पांडेय, रागिनी गुप्ता और शकील अहमद खान निदेशक  थे। इस कंपनी ने लोगों को कम समय में निवेश की गई रकम को दो गुना करने का लालच देकर ठगी की।
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बाइक टैक्सी के नाम पर की ठगी
प्रभारी निरीक्षक श्याम बाबू शुक्ला के मुताबिक 2018 में अभय कुशवाहा ने हेलोराइड नाम की कंपनी शुरू की। कंपनी में निखिल कुशवाहा, आजम अली, नीलम वर्मा, राजेश पांडेय, रागिनी गुप्ता व शकील अहमद निदेशक थे। कंपनी का कार्यालय विभूतिखंड के साइबर हाइट्स की 8वीं मंजिल पर खोली गई। यह कंपनी बाइक टैक्सी चलाने के नाम पर ग्राहकों से 61000 रुपये जमा करने के बदले प्रति माह 9582 देने का लालच देकर रुपये ऐंठती थी। कंपनी मे रुपये जमा करने के लिए सात टीमें बनाई गई थीं । इन टीमों में लगभग 150 लोग काम करते थे। जिसमें प्रेसिडेंट अपनी टीमों के जरिए रुपये जमा करते थे। इस पर उनको लगभग 15 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था। इन कंपनियों मे जब लगभग एक अरब रुपये से अधिक जमा हो गए तो कंपनी ने ग्राहकों को भुगतान करना बंद कर दिया। इस पर निवेशकों ने विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज करवाई थी। इस मामले में अभय कुशवाहा को मार्च 2019 में विभूतीखंड पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कंपनी ने लखनऊ, फतेहपुर,  बिहार,  पंजाब और नोएडा में अपने कार्यालय खोला था। एसटीएफ  का दावा है कि इन जालसाजों ने अब तक एक अरब रुपये से अधिक की ठगी की है।

कुछ दिनों में ही करा ली जमानत
हेलो राइड कंपनी के मालिक अभय कुशवाहा को मार्च 2019 में विभूतिखंड पुलिस ने गिरफ्तार किया गया। लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसने जमानत करा ली। इसके बाद वह अंडरग्राउंड होकर कपंनी का संचालन करने  लगा। इसी दौरान ताबड़तोड़ मुकदमें भी दर्ज हुए, लेकिन पुलिस उसे दोबारा पकड़  नही सकी। तत्कालीन डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन ने अभय कुशवाहा व कंपनी एक अन्य निदेशक आजम अली पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। 10 नवंबर को आजम अली को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया। वहीं अभय की तलाश में एसटीएफ, कमिश्नरेट क्राइम ब्रांच, विभूतिखंड व हजरतगंज की पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। हजरतगंज पुलिस की टीम ने एसएसआई दया शंकर द्विवेदी के नेतृत्व में शनिवार को अभय को गिरफ्तार कर लिया।

जमीन व दुकान के नाम पर हड़पे थे 65 लाख
प्रभारी निरीक्षक श्याम बाबू शुक्ला के मुताबिक हजरतगंज थाने में मुंशी पुलिया के रहने वाले नवीन गुप्ता ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया कि इंफिनिटी वर्ड इंफ्रा वेंचर लि. के माध्यम से जमीन व दुकान के नाम पर 65 लाख रुपये कंपनी ने लिये थे। लेकिन न तो जमीन दी और न ही दुकान। जब रुपये वापस मांगे गये तो पीड़ित को धमकियां दी जाने लगी। पीड़ित की तहरीर पर गिरोह बनाकर ठगी, जालसाजी व साजिश रचने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया । इसके बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस के मुताबिक महज तीन साल में  36 मुकदमें दर्ज हुए। इसमें कई मुकदमों में पांच से 15 तक पीड़ित शामिल हैं।

दिल्ली व बिहार में लेता था शरण
पुलिस के मुताबिक अभय कुशवाहा फर्जीवाड़ा कर फरारी के दौरान दिल्ली व बिहार के कुछ रसूखदार लोगों के घर पर शरण लेता था। दो साल पहले जब जमानत हुई उसके बाद से ज्यादातर समय दिल्ली व बिहार में रहा। बीच-बीच में कुछ दिनों के लिए लखनऊ आता, फिर निकल जाता था। उसके खिलाफ दर्ज विभूतिखंड के 35 मुकदमों में 61 करोड़ से अधिक की ठगी का मामला है। पुलिस की विवेचना में सामने आया कि अभय कुशवाहा व उसके गिरोह ने पूरे प्रदेश में एजेंटों के जरिए एक अरब से अधिक की ठगी की है। अभय कुशवाहा ने जिन बाइक टैक्सी के नाम पर ठगी का कारोबार हेलो राइड कंपनी खोलकर चलाया था। उसकी करीब 150 गाड़ियां विभूतिखंड पुलिस ने बरामद किया था। 

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