गिरफ्तार किए गए आरोपी।
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आरोपी टैंकर चालक ने बताया कि वह टैंकर से पेट्रोल निकालकर आरोपी भवन स्वामी अनिल कुमार को 75 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचता था। अनिल ने बताया कि वह कई टैंकर चालकों से सांठगांठ कर पेट्रोल-डीजल खरीदता था और उसमें एथेनॉल, सॉल्वेंट व अन्य केमिकल मिलाकर स्थानीय ग्राहकों को बेचता था। गिरोह में अभिषेक राजपूत और धीरज सिंह भी शामिल थे।
गिरोह में कई अन्य भी शामिल
आबकारी विभाग के अखिलेश चौधरी ने बताया कि आरोपियों ने अब तक कितने टैंकर से पेट्रोल चोरी कर उनमें केमिकल मिलाया, इसका पता किया जा रहा है। बरामद पेट्रोल, केमिकल के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे।
ऐसे ही नहीं बंद हो रहे वाहन
गिरोह के पकड़े जाने से मिलावटी तेल की बिक्री का खेल उजागर हुआ है। रोजाना कई मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें लोगों के वाहन चलते-चलते बंद हो जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग मैकेनिक के पास वाहन लेकर पहुंच रहे हैं। ऐसे में स्पष्ट है कि पेट्रोल में मिलावट से वाहन खराब हो रहे हैं। पुलिस टैंकर चालक व अन्य आरोपियों से यह पता लगा रही है कि उन्होंने किसी पेट्रोल पंप पर मिलावटी तेल तो नहीं पहुंचाया है।