जब से इस्तीफा स्वीकार हुआ, तब से अनिल मिश्रा मंदिर नहीं गए हैं। ट्रस्ट के ऑफिस जाने का सवाल ही नहीं उठता है। उनका सार्वजनिक तौर पर कोई बयान भी नहीं आया है। एक तरह से उन्होंने खुद अलग कर लिया है। वहीं, कुछ यही हाल चंपत राय का है। वह भी कोई बयान नहीं दे रहे हैं। एसआईटी की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं।
मंदिर प्रबंधन से पूर्व सैनिक भी जुड़े हैं। जिनका एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बना हुआ है। उसका एक स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है। जिसमें एक मैसेज सात जून को डाला गया है। मैसेज में लिखा है कि.. सभी पूर्व सैनिक ध्यान दें, मंदिर पर हो रही गतिविधि की चर्चा किसी के साथ नहीं करना है। यदि कोई कुछ पूछता है तो केवल एक ही जवाब दें कि मंदिर पर कार्य हम कर रहे हैं, लेकिन हमें कोई जानकारी नहीं है। इसी मैसेज में चंपत राय का वह वीडियो बयान भी लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्तमान में ऑडिट का काम चल रहा है, कोई उल्लेखनीय बात सामने नहीं आई है।