बेहटा गांव में रविवार को हुए विस्फोट के बाद ग्रामीण अब खेतों व खाली प्लाट में मिलने वाले पटाखों से खौफजदा है। लोगों का कहना है कि अंधेरा होता ही लोग पटाखे फेंक दे रहे हैं और ऐसे में फिर से कोई हादसा होने का डर है। रात को लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। लोगों ने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। कुछ लोगों ने कहा कि इतनी सख्ती के बावजूद भी अंधेरा होते ही पटाखों के अवैध कारोबार से जुड़े लोग पटाखे फेंक दे रहे हैं और पुलिस को भनक तक नहीं लग पा रही है।
घायलों की हालत बेहद नाजुक, इलाज जारी
पटाखों के विस्फोट में घायल हुए इरशाद और नदीम की हालत बेहद गंभीर बनी है। केजीएमयू के प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार ने बताया कि दोनों युवक आईसीयू में भर्ती है। डॉक्टरों की टीम पूरा प्रयास कर रही है।