फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ अग्निकांड: केजीएमयू ट्रॉमा में एसआईटी एक घंटे तक डटी रही, जख्मी लोगों से बंद कमरे में की पूछताछ

Tue, 23 Jun 2026 07:36 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

एसआईटी यह जानने का प्रयास कर रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों ने क्या देखा। टीम अब ट्रॉमा सेंटर से जुटाए गए मेडिकल रिकॉर्ड, डॉक्टरों की जानकारी और घायलों के बयान के आधार पर आगे की जांच करेगी। 
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी लखनऊ के अलीगंज हादसे की जांच के लिए गठित एसआईटी की टीम मंगलवार को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंची। टीम ने करीब एक घंटे तक ट्रॉमा सेंटर में रहकर अधिकारियों और डॉक्टरों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। इस दौरान ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिंह समेत अन्य अधिकारियों से बातचीत कर हादसे के बाद घायलों के पहुंचने और इलाज की प्रक्रिया को समझा गया। घायलों व डॉक्टरों से अहम सुराग जुटाए।

विज्ञापन




एसआईटी ने अधिकारियों से पूछा कि घटना के बाद मरीज किस हालत में ट्रॉमा सेंटर लाए गए थे। घायलों के शरीर पर किस तरह की चोटें थीं। उन्हें किस स्तर की चिकित्सकीय जरूरत थी। इसके साथ ही हादसे में मृत लोगों के शव किस स्थिति में ट्रॉमा सेंटर लाए गए थे? इसकी भी जानकारी ली गई। टीम ने शवों पर चोट, जलने या अन्य किसी तरह के निशान से जुड़े तथ्यों को भी जांच के दायरे में रखा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: 'नीचे आग, ऊपर मौत, रस्सी के सहारे बची जान'; पीड़ितों की रोंगटे खड़े कर देने वाली आपबीती

ये भी पढ़ें - लखनऊ अग्निकांड: "15 मौतों के लिए जिम्मेदार अफसरों का केवल सस्पेंशन नहीं, दर्ज हो FIR", आप सांसद ने की मांग
विज्ञापन


अधिकारियों ने एसआईटी को बताया कि हादसे के बाद ट्रॉमा सेंटर में घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। घटना में घायल दो लोग अभी भी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं। टीम ने इनमें से एक घायल लवप्रीत से बातचीत कर घटना के संबंध में जानकारी हासिल की। इसके बाद एसआईटी तीसरे तल पर पहुंची, जहां आईसीयू में भर्ती युवक का हाल जाना और उससे भी घटना से जुड़े बिंदुओं पर पूछताछ की।

अग्निकांड की जानकारी कब हुई? बचाव के लिए क्या-क्या कदम उठाए। घटना के वक्त सेंटर में कितने लोग मौजूद रहे। जांच टीम ने सोमवार रात इलाज के बाद डिस्चार्ज होकर घर जा चुके युवक-युवतियों को भी बुलाया। उनसे हादसे के पहले और बाद की पूरी स्थिति के बारे में सिलसिलेवार जानकारी ली गई।

टीम यह जानने का प्रयास कर रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों ने क्या देखा। एसआईटी अब ट्रॉमा सेंटर से जुटाए गए मेडिकल रिकॉर्ड, डॉक्टरों की जानकारी और घायलों के बयान के आधार पर आगे की जांच करेगी। हादसे की हर कड़ी को जोड़ने के लिए प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें