लखनऊ के इटौंजा के अकबरपुर गांव में सोमवार देर रात ब्रजेश सिंह ने शराब के नशे में अपने भांजे सचिन सिंह (25) की गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी शव को केले के खेत में छोड़कर भाग गया। मंगलवार सुबह सचिन के परिजनों को घटना का पता चला। पुलिस ने आरोपी ब्रजेश को हिरासत में लिया है। ब्रजेश की निशानदेही पर सचिन का शव बरामद किया गया। सचिन के पिता रामशंकर सिंह ने ब्रजेश के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है।
सचिन मड़ियांव की इंद्रपुरी कॉलोनी का निवासी था। वह आईआईएम रोड पर मोइनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय के पास आइसक्रीम पार्लर चलाता था। उनके पिता रामशंकर सिंह ने बताया कि सोमवार रात करीब नौ बजे ब्रजेश सचिन को अपने साथ ले गया था। दोनों के बीच अच्छे संबंध थे, इसलिए किसी ने विरोध नहीं किया। रात 11 बजे ब्रजेश ने सचिन के फोन से उसकी मां से बात कराई थी। इसके बाद सचिन का कुछ पता नहीं चला। ब्रजेश के परिचित हिमांशु ने मंगलवार सुबह उन्हें बताया कि ब्रजेश ने सचिन की गला दबाकर हत्या कर दी है और उसका शव गांव स्थित अतुल के केले के खेत में पड़ा है।
आरोपी को हिरासत में लेकर शव बरामद किया गया
सचिन के परिजन ब्रजेश के गांव पहुंचे। ब्रजेश घर पर नहीं मिला। सूचना मिलने पर डीसीपी नॉर्थ गोपाल कृष्ण चौधरी और एसीपी बख्शी का तालाब विकास पांडेय मौके पर पहुंचे। डीसीपी नॉर्थ का कहना है कि सचिन के पिता रामशंकर सिंह की तहरीर पर ब्रजेश के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है। उसकी निशानदेही पर केले के खेत से सचिन का शव बरामद किया गया। जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया। एफएसएल टीम ने मौके से कुछ साक्ष्य और नमूने एकत्र किए हैं।
हत्या कर रायपुर गांव में परिचित के पास गया था आरोपी
डीसीपी के अनुसार, ब्रजेश ने बताया कि शराब के नशे में भांजे सचिन से उसका विवाद हुआ था। गाली-गलौज और मारपीट के बाद उसने गुस्से में सचिन की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद वह रायपुर गांव में अपने परिचित हिमांशु के पास गया था। उसने भांजे की हत्या करने की बात उसे बताई और वहां से चला गया।
शव देखकर मां, पिता और भाई का रो-रोकर बुरा हाल
सचिन का शव देखने के बाद उसके पिता रामशंकर, मां लक्ष्मी और छोटा भाई सौरभ सिंह का रो-रोकर बुरा हाल था। रिश्तेदारों ने उन्हें संभाला। सचिन परिवार में सबसे बड़ा था और घर की कई जिम्मेदारियां संभालता था।