मेट्रो के गो-स्मार्ट कार्ड से शहरवासी हाउस टैक्स भी जमा कर सकें, इसे लेकर काम शुरू होना है। यह काम इसी साल शुरू होना था मगर अब नए साल से यह काम शुरू हो सकेगा। इससे शहर की करीब छह लाख आबादी को हाउस टैक्स जमा करने की एक और सुविधा मिल जाएगी।
सिटी बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए शहर में स्मार्ट बस शेल्टर बनाए जाएंगे। जहां बैठने के लिए कुर्सियां, बैंक एटीएम, वाटर एटीएम के साथ सुरक्षा के इंतजाम रहेंगे। इसका एक मॉडल बनाकर तैयार भी कर दिया गया है। इसके लिए एजेंसी तय हो गई है और उसे शहर में 40 जगह बस शेल्टर बनाने के आदेश जारी किए जा चुके हैं।
इंट्रीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत शहर में हेवी ट्रैफिक कैमरे लगाए जाने हैं। इनसे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी की जानी है। इसी के जरिए ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के चालान समेत सुरक्षा को भी बेहतर बनाया जाना है। इसके लिए आईटीएमएस पर काम होना है। पहले इसका कंट्रोल सेंटर डायल 100 के ऑफिस में बनाए जाने की प्रक्रिया थी, मगर अब यह लालबाग में बनाए जाने वाले स्मार्ट सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर ही बनाया जा रहा है। इसके लिए कंपनी का चयन हो गया है।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कैसरबाग स्थित दर्शन बिलास कोठी, रोशनउद्दौला कोठी, कोठी गुलिस्तान-ए-एरम, रफेआम क्लब, बेगम हजरत महल पार्क एवं छतर मंजिल के संरक्षण का काम किया जाएगा। इन हेरिटेज बिल्डिंग के कंजर्वेशन के लिए इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटेक) के साथ एमओयू छह माह पहले हो चुका है। संस्कृति विभाग की आपत्ति से काम शुरू नहीं हो पाया जो अब अगले साल ही शुरू होगा।
स्मार्ट सिटी योजना में कैसरबाग क्षेत्र में हाईटेक सीवर लाइन बिछाई जाएगी। शहर में पहली बार सीवर लाइन में सेंसर लगाने का काम किया जाएगा। पहले चरण में करीब 31 हजार मीटर लाइन बिछाई जाएगी और करीब 300 सेंसर लगाए जाएंगे। जिन इलाकों के लोगों को यह सुविधा मिलेगी उनमें अमीनाबाद, कैसरबाग, लाटूश रोड, पुराना लखनऊ का इलाका शामिल है। यह काम बजट के कारण नहीं हो पाया जो अब अगले साल होगा।
चमचमाती सड़क, नो ट्रैफिक जाम, अतिक्रमणमुक्त रोड जिस पर बिना किसी झंझट के सुरक्षा के साथ ड्राइविंग की जा सके और उसके फुटपाथ पर निश्चिंत होकर टहला या बैठा जा सके। शहर में ऐसी स्मार्ट रोड बनाए जाने का काम होना है। इसे लेकर शहर में 50 सड़कें चुनी भी गईं हैं, मगर काम नहीं शुरू हो सका। सूरज कुंड पार्क से लेकर डालीगंज अंडरपास तक जाने वाली एकमात्र सड़क का काम शुरू करने के लिए ही एजेंसी का चयन हो सका है। इस सड़क पर बिना सिग्नल लाइट के बिना रुके ट्रैफिक दौड़ेगा।