महज 26 दिन में शहर में 8,20,99,871 रुपये की साइबर ठगी हुई। पुलिस महज 2,90,90,537 रुपये को ही फ्रीज कराई सकी। फ्रीज हुई रकम महज 35.43 प्रतिशत ही है। अब पुलिस इसे 40 प्रतिशत तक करने की कोशिश में लगी है।
| जोन | ठगी की रकम | फ्रीज हुई रकम | प्रतिशत |
| पश्चिम | 1,45,04,713 | 33,86,479 | 23.34 |
| पूर्वी | 2,39,46,286 | 1,23,78,674 | 51.69 |
| नॉर्थ | 1,47,26,540 | 57,85,724 | 39.28 |
| साउथ | 1,96,35,398 | 48,46,799 | 24.68 |
| मध्य | 92,86,934 | 26,92,861 | 28.99 |
| योग | 8,20,99,871 | 2,90,90,537 | 35.43 |
एसटीएफ बिल्डिंग से जेसीपी एलओ दफ्तर शिफ्ट हुआ साइबर क्राइम थाना
विभूतिखंड स्थित एसटीएफ मुख्यालय परिसर में बना साइबर क्राइम थाना अब डालीगंज स्थित जेसीपी एलओ बबलू कुमार के दफ्तर में शिफ्ट कर दिया गया है। जेसीपी एलओ ने बताया कि ऐसा लोगों की सुविधा को देखते हुए किया गया है। पहले साइबर क्राइम थाना लोगों की पहुंच से थोड़ा दूर था, अब दूरी कम हो गई है। साथ ही साइबर क्राइम थाने में होने वाले कार्रवाई की भी सही से मॉनिटरिंग की जा सकेगी।