बीते वर्ष 29 दिसंबर को इंदिरा नगर क्षेत्र के चांदन गांव में बांग्लादेशियों को लेकर बड़ा बवाल हुआ था। इंदिरा प्रियदर्शिनी वार्ड के घरों से कूड़ा कलेक्शन करने वाले प्राइवेट ठेलिया वालों को जब नगर निगम की टीम ने पकड़ने का प्रयास किया तो मारपीट हुई थी। प्राइवेट ठेलिया वालों पर निगम के कई कर्मचारियों को पीटने आरोप लगा था। महापौर सुषमा खर्कवाल, तत्कालीन नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह और पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे थे। नगर निगम टीम से मारपीट करने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। अतिक्रमण कर बनाई गईं झोपड़ियों पर बुलडोजर भी चला था। घटना के बाद महापौर ने कहा था कि शहर से अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्या को चिह्नित कर बाहर किया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं।
चांदन गांव में बवाल के बाद महापौर सुषमा खर्कवाल ने शहर में अवैध रूप से झोपड़ी बनाकर रहने वाले अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने के लिए पुलिस आयुक्त और डीएम को पत्र भी लिखा था। महापौर ने अपने पत्र के साथ इंदिरा नगर, शिवाजीपुरम और कई अन्य समितियों के करीब 119 पत्रों को भी लगाया था। इन सभी पत्र में अवैध बंगलादेशियों और रोहिंग्या के झोपड़ी डालकर बसने और गंदगी फैलाने की शिकायत थी।
कार्यदायी संस्थाओं के जरिए लगे सफाई कर्मियों का पुलिस सत्यापन कराने के लिए सभी जोनल सिनेटरी अधिकारियों को आदेश जारी किया गया है। जांच में जिस संस्था में बांग्लादेशी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई रिपोर्ट आने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर की जाएगी। जिसमें कर्मचारी और कार्यदायी संस्था को काम से हटाने, जुर्माना लगाने और नोटिस जारी करने तक की कार्रवाई हो सकती है। क्या कार्रवाई की जाए, यह जांच रिपोर्ट आने के बाद नगर आयुक्त के निर्देश के बाद तय होगा।-पीके श्रीवास्तव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी