लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस के बीच बाधक बने 400 केवी लाइन के तीन टावर का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे को इसी साल अगस्त में चालू करने का आम जनता को सब्जबाग दिखाया था। मगर, आश्यर्च यह है कि इस एक्सप्रेस का निर्माण कार्य नवंबर तक पूरा होने की भी उम्मीद नहीं है। इसकी वजह एक्सप्रेस रूट के बीच में आए पॉवर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के तीन टावर हैं। इन टॉवर के सहारे सिंगरौली से सरोजनीनगर 400 केवीए उपकेंद्र को 400 केवी की बिजली आपूर्ति हो रही है। समय से इन टावर के शिफ्ट न होने के कारण एक्सप्रेस के बीच में निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा है।
पीएनसी कंपनी के अनुसार पावर ग्रिड की तरफ से तीन टावर को शिफ्ट करने कार्रवाई चल रही है। पहले चरण की टेस्टिंग हो चुकी है। साथ ही, दो नए टावर भी आ गए हैं। एक टावर भी इसी माह आ जाएगा। कंपनी के प्रशासनिक अधिकारी अंकुर जैन के मुताबिक एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य अब छिटपुट ही बचा है। टावर शिफ्ट होते ही बचा काम भी पूरा कर देंगे। उम्मीद है कि दिसंबर तक पूरी तरह से लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे का कार्य पूरा हो जाएगा। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि पावर ग्रिड के तीन टावर एक्सप्रेस वे निर्माण में बाधक बने हैं। 400 केवी की ट्रांसमिशन लाइन को ऊंचा किए बिना ही निर्माण शुरू करना जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए जब तक टावर नहीं हटेंगे, तब तक एक्सप्रेस का काम शुरू नहीं होगा।