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UP : जेल मुख्यालय के बाबुओं ने दबाई फाइल...शासन ने मांगी रिपोर्ट; लिपिकों के प्रमोशन में विसंगति का मामला

Sat, 08 Nov 2025 10:13 AM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, अनुराग सिंह, लखनऊ

सार

कारागार विभाग में एक ही विज्ञापन से नौकरी पाए लिपिक संवर्ग के एक ही पद के कर्मियों ने सौतेले व्यवहार का आरोप लगाया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कारागार विभाग में लिपिकों के प्रमोशन में विसंगति मामले की फाइल एक बार फिर मुख्यालय स्तर पर दबा दी गई है। अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए शासन ने मामले की रिपोर्ट तलब की थी। बावजूद इसके मुख्यालय के बाबुओं ने फाइल को आगे भेजने के बजाय उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। तय समय सीमा बीतने पर भी रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी गई।

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सूत्रों के मुताबिक, शासन की ओर से मांगी गई रिपोर्ट न भेजे जाने के कारण विभागीय कार्रवाई भी अटक गई है। दरअसल, प्रमोशन प्रक्रिया के दौरान प्रदेश की जेलों पर तैनात कई वरिष्ठ लिपिकों को दरकिनार कर मुख्यालय के कनिष्ठ कर्मियों को पदोन्नति दे दी गई।

ठोस कार्रवाई नहीं की गई

इससे विभागीय कर्मचारियों में नाराजगी है। बार-बार शिकायत करने पर भी विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उल्लेखनीय है कि कारागार विभाग में एक ही विज्ञापन से नौकरी पाए लिपिक संवर्ग के एक ही पद के कर्मियों ने सौतेले व्यवहार का आरोप लगाया है। 

जेल मुख्यालय में कनिष्ठ लिपिक के पद पर तैनात कर्मचारी प्रमोशन पाकर प्रशासनिक व मुख्य प्रशासनिक अधिकारी बन गए और वे मुख्यालय में ही हमेशा तैनात रहे। वहीं, जेलों में तैनात कनिष्ठ लिपिक महज एक प्रमोशन पाकर प्रधान लिपिक से रिटायर हो गए। यही नहीं, इनका लगातार प्रदेश की जेलों में तबादला भी होता रहा। 

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अमर उजाला ने मामले की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद शासन ने जेल मुख्यालय से मामले की रिपोर्ट मांगी थी। शासन ने जेल मुख्यालय और जेलों पर कार्यरत लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारियों की एकीकृत ज्येष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, मुख्यालय से कोई जवाब शासन को नहीं भेजा गया।

कारागार मुख्यालय अपर महानिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि प्रमोशन के विसंगति मामले की रिपोर्ट मुख्यालय पर लंबित होने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो प्रकरण से संबंधित अधिकारियों से बात कर जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

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