मड़ियांव के सिटी पब्लिक स्कूल में नर्सरी के छात्र पांच वर्षीय केशव शुक्ला की अपहरणकर्ताओं ने रविवार शाम ही हत्या कर दी थी। उसका शव ठिकाने लगाने के बाद अपहरणकर्ता परिवारीजनों से फिरौती मांग रहे थे। अपहरण करने वालों का मकसद क्या है इस बात से पर्दा अब उठ गया है। वजहें चौंकाने वाली हैं।
पुलिस ने बृहस्पतिवार तड़के करीब पांच बजे अपहरण और हत्या के आरोपी सीतापुर रोड सेक्टर ए स्थित ईडब्ल्यूएस कालोनी निवासी कुलदीप, उसके किरायेदार जसवंत व दोस्त छोटू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रायबरेली रोड से केशव की खोपड़ी बरामद कर ली है।
इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि केशव के अपहरण की साजिश उसके मुहल्ले में ही रहने वाले कुलदीप ने बनाई थी। केशव उससे घुला-मिला था। कथा आयोजन के दौरान कुलदीप ही मासूम केशव को फुसलाकर अपने साथ घर ले आया।
यहां जसवंत और छोटू पहले से मौजूद थे। शाम ढलते ही कुलदीप ने बच्चे को किसी दूसरे ठिकाने पर ले जाने के लिए जसवंत और छोटू के सुपुर्द कर दिया। दोनों उसे झोले में बंद कर बाइक से ले जाने लगे। रास्ते में केशव घबरा गया और रोने लगा। छोटू ने कुलदीप को फोन कर इसकी जानकारी दी।
पकड़े जाने के डर से कुलदीप ने बच्चे को मार डालने के लिए कहा। इसके बाद छोटू और जसवंत ने मासूम केशव की गला दबाकर हत्या कर दी और शव रायबरेली रोड पर फेंक दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि कुलदीप ने अपहरण की साजिश रचते वक्त ही फर्जी आईडी से एक सिमकार्ड खरीदा था।
केशव की हत्या के दूसरे दिन मंगलवार को कुलदीप ने इसी सिमकार्ड से मनीष को फोन कर दस लाख रुपये फिरौती मांगी। इतनी बड़ी रकम सुनकर परिवारीजनों के होश उड़ गए। बुधवार को कुलदीप ने फिर फोन किया तो छह लाख रुपये फिरौती तय हुई।
इस बीच परिवारीजन लगातार पुलिस के संपर्क में रहे। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि बच्चे की तलाश के लिए क्राइम ब्रांच और सर्विलांस की टीमें लगा दी गई थीं। जिस नंबर से फिरौती के लिए फोन किया गया था, उसकी लोकेशन कालोनी और आसपास ही मिल रही थी जिससे मुहल्ले के लोगों पर ही शक था। पुलिस ने कुलदीप को हिरासत में लिया तो पूरा मामला खुल गया।