गोमतीनगर विस्तार स्थित निजी अस्पताल में इलाज में लापरवाही के कारण बच्चे की मौत मामले में दो अस्पतालों के चार डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में भी ये डॉक्टर दोषी पाए गए थे। कमेटी की ही रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
गोमतीनगर विस्तार सेक्टर छह निवासी मो. तौफीक के पांच साल का बेटा मो. रजा बीते साल दिसंबर में सड़क हादसे में दाहिने पैर की हड्डी टूट गई थी। इलाज के लिए उसे विनोद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉ. विनोद ने एक्सरे व खून से जुड़ी जांच कराई थी। इसके बाद ऑपरेशन के लिए एराइज अस्पताल रेफर कर दिया था, जहां ऑपरेशन करने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई थी और 26 दिसंबर को मौत हो गई थी। पिता की शिकायत पर एडी मंडल ने जांच की तो पाया कि मरीज की हेड इंजरी को गंभीरता से नहीं लिया गया।
ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. संतोष गुप्ता व एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. रितज सोमवंशी की लापरवाही से बच्चे की हालत बिगड़ गई थीएडी ने दोनों डॉक्टरों और अस्पताल संचालक अदनान के खिलाफ भी कार्रवाड की संस्तुति की थी। सीएमओ ने दोन डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एनएमसी को भी पत्र भेजा है। एडी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कमिश्नर ने मुकदम दर्ज करने के निर्देश दिए थे। बृहस्पतिवार क चिनहट थाने में विनोद हॉस्पिटल के डॉ विनोद, डॉ. राहुल व एराइज हॉस्पिटल के डॉ. संतोष कुमार गुप्ता, डॉ. रितुज सोमवंश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।