यूपी लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पीसीएस 2011 की परीक्षा का परिणाम शुक्रवार देर शाम जैसे ही जारी हुआ, राजधानी में मेधावियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
परीक्षा में राजधानी के मेधावियों ने भी सफलता का परचम लहराया है।
इसमें संतोष कुमार व अमित कुमार ने एसडीएम पद पर चयनित होकर राजधानी का नाम रोशन किया है।
संतोष कुमार ने 28 वीं और अमित कुमार ने 30 वीं रैंक हासिल की है। इसके अलावा एआरटीओ, असिस्टेंट कमिश्नर और नायब तहसीलदार पद पर भी बड़ी संख्या में मेधावियों का चयन हुआ है।
नेहा द्विवेदी व प्रदीप कुमार ने एआरटीओ, कंचन सिंह गौर और आलोक कुमार ने असिस्टेंट कमिश्नर ट्रेड टैक्स पर चयन हासिल कर राजधानी का मान बढ़ाया है। वहीं प्रतीत त्रिपाठी ने नायब तहसीलदार और त्रिभुवन लाल ने ट्रेजरी ऑफिसर पद पर चयन हासिल किया है।
लगातार अभ्यास से हासिल किया लक्ष्य: नेहा द्विवेदीअगर आपकी इच्छाशक्ति मजबूत हो और लक्ष्य केप्रति समर्पण की भावना हो तो सफलता मिलना कठिन नही है। यह मानना पीसीएस 2011 में एआरटीओ पद पर चयनित हुईं नेहा द्विवेदी का है। निरालानगर में रहने वाली नेहा वर्तमान में गन्ना आयुक्त कार्यालय में सहायक लेखाधिकारी के पद पर तैनात हैं।
इनके पिता विनोद कुमार द्विवेदी शिक्षक हैं। घर में छोटा भाई अंकुर व बहन सोनू हैं। एमए भूगोल में इनके 66 प्रतिशत अंक, बीए में 70 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 84 प्रतिशत व हाईस्कूल में 73 प्रतिशत अंक हैं।
नेहा ने पीसीएस की परीक्षा में भूगोल व लोक प्रशासन विषय लेकर सफलता हासिल की है।
नहीं छोड़ा लक्ष्य का पीछा: प्रदीप कुमारआपको जो विषय पसंद हो वही पढ़ें और मन लगाकर पढ़ें। देखिए अगर आपकी फर्स्ट डिविजन आए या सेकंड। इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता है। हमेशा लक्ष्य का पीछा करते रहिए सफलता आपके कदम चूमेगी। यह कहना है पीसीएस 2011 में एआरटीओ पद पर चयनित हुए प्रदीप का है।
वे कहते हैं कि हाईस्कूल से लेकर पीजी तक मैं सेकंड डिविजन ही पास हुआ। वे अपनी सफलता का श्रेय गुरू पवन मिश्रा को देते हैं। जानकीपुरम में रहने वाले प्रदीप के पिता नारायण लाल रेलवे में कर्मचारी हैं।
उन्होंने पीसीएस में राजनीति विज्ञान व हिस्ट्री विषय लेकर सफलता हासिल की है। वह कहते हैं कि पढ़ाई के साथ-साथ आपको अपने व्यक्तित्व के संपूर्ण विकास पर जोर देना चाहिए। मैंने इंटरव्यू में सवालों के जवाब पूरे आत्मविश्वास से दिए।
रेगुलर स्टडी बहुत जरूरी: कंचन सिंह गौरकिसी भी परीक्षा में सफलता के लिए जरूरी है कि आप रेगलुर स्ट्डी करें। ऐसा कतई नहीं होना चाहिए कि एक दिन आप दस से पंद्रह घंटे पढ़ें फिर अगले हफ्ते किताब ही न उठाएं। यह कहना पीसीएस 2011 में असिस्टेंट कमिश्नर ट्रेड टैक्स पद पर चयनित हुईं कंचन सिंह गौर का है।
वर्तमान में कंचन पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के पद पर कानपुर देहात में तैनात हैं। उन्होंने अपनी पूरी तैयारी लखनऊ में की और हिस्ट्री व हिन्दी साहित्य विषय लेकर पीसीएस की परीक्षा में सफलता हासिल की।
नौकरी के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए वे रोजाना कम से कम चार घंटे जरूर पढ़ती हैं। वह कहती हैं कि लिखित परीक्ष के साथ-साथ इंटरव्यू की तैयारी का अभ्यास करना चाहिए।
अच्छे कॅरिअर के लिए संतुलन जरूरी: प्रतीत त्रिपाठीलक्ष्य को हासिल करना है तो जीवन में संतुलन बनाना सीखना होगा। धैर्य के साथ तैयारी करें और जो कुछ पढ़ें उसे अच्छी तरह याद करें। यह कहना पीसीएस 2011 परीक्षा में नायब तहसीलदार पद पर चयनित हुए प्रतीत त्रिपाठी का है। उन्होंने समाजशास्त्र व दर्शनशास्त्र विषय लेकर पीसीएस में सफलता हासिल की है।
इसके साथ ही प्रदीप ने जेआरएफ में भी सफलता हासिल की है। वे इस समय लविवि में समाजशास्त्र विभाग में रिसर्च स्टूडेंट हैं।
प्रदीप का कहना है कि कॅरियर बनाते समय आपको कम से कम दो ऑप्शन रखने होंगे। मेरा मुख्य लक्ष्य पीसीएस में सफलता हासिल करना था लेकिन मैंने दूसरे विकल्प के तौर पर शिक्षक बनने की भी तैयारी रखी।
बचपन में ही इनके पिता एसबी त्रिपाठी का निधन हो गया था और इन्होंने काफी मेहनत के बाद यह मुकाम हासिल किया है। प्रदीप का कहना है कि नौकरी के साथ-साथ आगे भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखेंगे।