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लखनऊ : नौकरानी की तलाश में मिली कॉल गर्ल, साथियों संग मिलकर लूटे 52 लाख, बैंक कर्मचारी से प. बंगाल के गिरोह ने की थी वसूली

Fri, 20 May 2022 07:11 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

संदीप के मुताबिक वह लोगों कॉल सेंटर्स के माध्यम से घर में काम करने वालों की तलाश करने वालों को फंसाते थे। गूगल पर मशीन डेटा और सोशल मीडिया डेटा के माध्यम से लोगों के मोबाइल नंबर लेते थे। फिर अपने कॉल सेंटर की लड़कियों से उनकी जरूरत के हिसाब से बात शुरू कर रजिस्ट्रेशन और सिक्योरिटी के नाम पर रुपये वसूलते थे।
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एस्कॉर्ट सर्विस (प्रतीकात्मक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनऊ में तालकटोरा इलाके में रहने वाले एक  बैंक कर्मचारी को नौकरानी की तलाश थी। इसके लिए व ऑन लाइन साइटों पर सर्च कर रहे थे। इसी दौरान उनको एक अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाली युवती ने काम के सिलसिले में बातचीत की। फिर उनको अपनी बातों में फंसाकर अचानक से वीडियो कॉल पर आ गई। इस दौरान उसने अश्लील हरकतें की और रिकार्ड कर लिया। फिर वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर वसूली करने शुरू किये। बैंककर्मचारी से धमकाकर इस गिरोह ने 52 लाख रुपये वसूल लिये थे। रोज ठगों की मांग बढ़ने लगी तो परेशान होकर पीड़ित ने तालकटोरा पुलिस व साइबर क्राइम सेल से संपर्क किया। मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। साइबर क्राइम सेल ने डेटिंग एप के जरिए ठगने वाले इस गिरोह का खुलासा किया। इस गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। अन्य की तलाश शुरू कर दी है।

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साइबर क्राइम सेल प्रभारी रणजीत राय के मुातबिक पीड़ित की शिकायत पर सर्विलांस की मदद से पश्चिम बंगाल के भवानीपुर तांतीपाढ़ा निवासी संदीप मंडल को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। वह अपने गिरोह के साथ घर में काम करने वालों की तलाश करने वालों लड़कियों के माध्यम से को फंसाते थे। इनके गिरोह के अन्य साथियों का पता लगाया जा रहा है। आरोपी के पास से पुलिस ने 25 मोबाइल, एक लैपटॉप, 50,17,000 रुपये ओर एक कॉल डायरी व कई अन्य दस्तावेज बरामद किया है। जिसकी जांच की जा रही है। संदीप के मुताबिक वह लोगों कॉल सेंटर्स के माध्यम से घर में काम करने वालों की तलाश करने वालों को फंसाते थे। गूगल पर मशीन डेटा और सोशल मीडिया डेटा के माध्यम से लोगों के मोबाइल नंबर लेते थे। फिर अपने कॉल सेंटर की लड़कियों से उनकी जरूरत के हिसाब से बात शुरू कर रजिस्ट्रेशन और सिक्योरिटी के नाम पर रुपये वसूलते थे। इसके बाद युवतियों से बात कराते थे। जब कस्टमर से वॉइस कॉलिंग के माध्यम से कुछ अश्लील बातें और वीडियो कॉलिंग के माध्यम संपर्क करते। इसके बाद उनके वीडियो को रिकार्ड कर लिया जाता था। इसके बाद कस्टमर को परिवारीजनों, परिचितों व रिश्तेदारों के पास वीडियो भेजने की धमकी देकर वसूली की जाती।

डेटिंग एप से भी करते थे ठगी
पूछताछ में सामने आया कि यह लोग डेटिंग एप भी चलाते हैं। संदीप के मुताबिक इसके लिए सबसे पहले अपने सीनियर के माध्यम से फर्जी नाम पते पर सिम कार्ड और फर्जी नाम व पते पर बैंक खाते खुलवाते हैं। फिल उन नंबर लोकांटो वेवसाइट और अन्य डेटिंग साइट के लिये एड देते हैं। जिसके बाद कस्टमर हमारे एड को पढ़कर हमे उन नम्बरों पर कॉल करता है। जिसे हमारे कॉल सेंटर की लड़कियां बात कर फंसाती हैं।
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नौकरानी की गूगल पर की थी तलाश, आ गई ठगों की कॉल
तालकटोरा निवासी बैंक कर्मी अजय  श्रीवास्तव के मुताबिक उन्होंने मार्च में घर की नौकरानी की तलाश के लिए गूगल पर सर्च किया था। जिसके बाद उनके मोबाइल पर एक नंबर से 22 मार्च को एक कॉल आया की अगर आपको कामवाली चाहिए तो पहले आपको कुछ रुपये  देकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। फिर हम आपको कुछ फोटो भेजेंगे। जिसको चयनित करेंगे हम उसे आपके पास भेज देंगे। नौकरानी की जरूरत के चलते कॉल करने वाली की बात को मानते हुए सभी फार्मेल्टी पूरी कर दी। जिसके कुछ देर बाद एक महिला की कॉल आई। वह अश्लील बाते करने लगती। मना करने पर कॉल कटते ही एक युवक ने  धमकी देनी शुरू कर दी। जिसके बाद ब्लैकमेलिंग का दौर शुरू हो जाता है।

नंबर वर्कर सप्लाई नहीं, डेटिंग एप में रजिस्टर्ड हुआ
कॉल करने वाले युवक ने कहा कि आप का नंबर हमारे कपल गोल्स नाम डेटिंग कंपनी में  रजिस्टर कर लिया गया है। आपकी रिकॉर्डिंग्स भी हमारे पास है। हम इस वीडियो को आपके परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों व आपके ऑफिस में भेजकर आपको बदनाम कर देंगे, इसलिए आप हमारी कंपनी को पैसे देते रहिए। समाजिक मान-मर्यादा के कारण उसकी बातों में आकर 22 मार्च से अप्रैल तक सायबर ठग के विभिन्न बैंक खाते में लगभग 52 लाख रुपये भेजे, लेकिन उनकी मांग बढ़ती रही। जिसके चलते सायबर क्राइम सेल और तालकटोरा थाना पर शिकायत की।

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