बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय की डिग्री अब यूनाइटेड किंगडम और आयरलैंड में भी मान्य होगी। इन दोनों देश की डिग्री को बीबीएयू में भी मान्यता दी जाएगी। बीबीएयू की एकेडमिक काउंसिल ने इसका प्रस्ताव पास कर लिया है। अब विद्यार्थियों को विदेश जाने पर डिग्री को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं होगी।
नौकरी या उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने पर कई बार डिग्री को लेकर विवाद की स्थिति होती है। असल में हर देश में डिग्री के नाम और उसमें पढ़ाए जाने वाले विषय अलग होते हैं। विदेश पहुंचने पर सबसे बड़ी डिग्री की समकक्षता को लेकर होती है। इसी वजह से विदेश जाने पर विद्यार्थियों को ट्रांसक्रिप्ट बनवानी होती है।
इसमें पाठ्यक्रम के दौरान पढ़ाए जाने वाले विषय तथा शीर्षकों का विस्तृत ब्यौरा दिया जाता है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस समस्या को देखते हुए यूनाइटेड किंगडम तथा आयरलैंड के साथ वार्ता करके एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके बाद दोनों देशों में डिग्रियों को मान्यता मिलेगी। बीबीएयू ने भी इस एमओयू को अपने यहां शामिल कर लिया है।
लैट्रल एंट्री के दाखिले आईआईटी जेईई से
बीबीएयू ने बीटेक के दाखिलों को लेकर भी अपनी पॉलिसी में बदलाव किया है। अब बीटेक की आधी सीटों पर दाखिले सीयूईटी और आधी सीट पर सीधे प्रवेश के माध्यम से होने हैं। इसके साथ ही लैट्रल एंट्री के दाखिले भी आईआईटी जेईई के माध्यम से करने पर सहमति बनी है।