एयरपोर्ट पर मौजूदा रनवे की लंबाई 2,744 मीटर व चौड़ाई 45 मीटर है। ऐसे में इस रनवे के समानांतर एक टैक्सी-वे(पी-9) बनाया जा रहा है। विमानों को लैंडिंग के बाद टैक्सीवे पर लाया जाता है, जिससे रनवे खाली होने पर दूसरी फ्लाइट लैंड व टेकऑफ करती है। समानांतर टैक्सीवे बन जाने से विमानों को आसानी से रनवे पर लाया व हटाया जा सकेगा, जिससे विमानों का संचालन तीव्र व सुगम हो सकेगा। इससे सुरक्षा भी बढ़ती है।
एयरपोर्ट पर रनवे की रिकार्पेटिंग(मेंटीनेंस) वर्ष 2018 में हुई थी। रिकारपेटिंग के दौरान दौरान रनवे की मौजूदा परत हटाकर निर्धारित मानकों के अनुरूप डामर की नई परत चढ़ाने का काम हो रहा है। इससे रनवे पर लैंड व टेकऑफ करने वाले विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंकाएं खत्म हो जाएंगी। रनवे और टैक्सी वे सहित कुल 1.80 लाख वर्ग मीटर में रिकार्पेटिंग की जाएगी।
एजीएल सिस्टम को उन्नत बनाने का काम भी हो रहा है। एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग(एजीएल) सिस्टम में हेलोजन को एलईडी में बदलने, एयरफील्ड साइनेज के उन्नयन के कार्य हो रहे हैं। इससे रनवे बेहतर हो जाएगा। रात में विमानों की लैंडिंग सुरक्षित व आसान होगी। इतना ही नहीं एलईडी लगने से 50 प्रतिशत तक बिजली खपत भी कम हो जाएगी।