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लखनऊ: थाना परिसर में बनी बैरक में सिपाही ने लगा ली फांसी, चादर से बांधकर खुद को लटकाया; अभी FIR दर्ज नहीं

Sun, 09 Aug 2026 09:19 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Suicide in Lucknow: लखनऊ में रविवार की दोपहर में एक सिपाही ने उसी थाने में खुद को लटका लिया जिस थाने में वह तैनात था। घटना की वजह सामने नहीं आ सकी। 
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लखनऊ में सिपाही ने की आत्महत्या। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोमतीनगर थाना परिसर में बने कमरे(बैरक) में बिजनौर जिले के चांदपुर निवासी सिपाही आकाश यादव (26) ने रविवार दोपहर फंदा लगा लिया। पुलिस को छानबीन में सुसाइड नोट नहीं मिला, इसलिए आकाश ने आत्महत्या क्यों की इसका करण पता नहीं चल सका।

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इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सिपाही आकाश गोमतीनगर थाने में दो साल से तैनात थे। वह वर्तमान में क्राइम टीम में कार्यरत थे। वह थाना परिसर में ही बने कमरे में रहते थे। वह वर्ष 2019 बैच के सिपाही हैं। रविवार दोपहर करीब 2:30 बजे उन्होंने साथ में काम करने वाले सिपाही को कॉल की थी। उन्होंने उससे शाम को मिलने की बात कही थी, फिर कॉल काट दी थी। 

दोपहर करीब तीन बजे थाने में तैनात सिपाही अपनी ड्यूटी खत्म करके जब कमरे पर पहुंचे तो उन्हें दरवाजा अंदर से बंद मिला। 15 मिनट कर दरवाजा खटखटाने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो वह तो उन्होंने खिड़की से झांका। अंदर का नजारा देख कर वह दंग रह गए। सिपाही आकाश पंखे से चादर के सहारे लटके हुए थे। 
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इंस्पेक्टर ने बताया कि सतीश ने घटना की जानकारी उन्हें दी। पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़कर आकाश का शव नीचे उतारा। घटना की जानकारी आकाश के पिता अनिल को दी। इंस्पेक्टर ने बताया कि सिपाही का मोबाइल कब्जे में लिया गया है। घरवाले अगर कोई आरोप लगाते हैं या तहरीर देते हैं तो जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। वहीं, थाने में ऐसी चर्चा है कि आकाश कुछ समय से तनाव में चल रहे थे। उनके परिवार में पिता के अलावा मां और दो भाई भी हैं।

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इंटर की छात्रा ने फंदा लगाकर दी जान, कारण का पता नहीं

इंदिरानगर के शिवाजीपुरम निवासी इंटर की छात्रा आयुषी जायसवाल (17) ने शनिवार रात घर में फंदा लगाकर जान दे दी। आयुषी के पिता राजेश जायसवाल आरडीएसओ में जेई हैं। उन्होंने बताया कि बेटी नीट की तैयारी के लिए कोचिंग कर रही थी। उनका बेटा प्रशांत गाजीपुर से एमबीबीएस अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। वह कुछ दिन के लिए घर आया था। शनिवार रात करीब नौ बजे राजेश जायसवाल पत्नी दीपमाला के साथ बेटे को छोड़ने गोमतीनगर रेलवे स्टेशन गए थे। घर में आयुषी दादी के साथ अकेली थी। आयुषी दादी से पढ़ने की बात कहकर अपने कमरे में चली गई। माता-पिता बेटे को छोड़कर लौटे तो आयुषी के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। पिता ने रोशनदान से झांक कर देखा तो आयुषी दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी थी। परिजनों ने किसी तरह दरवाजा तोड़ा और आयुषी को फंदे से उतारकर राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर इंदिरानगर अजय नारायण सिंह ने बताया कि छात्रा ने आत्महत्या क्यों की, इसका पता नहीं चल सका है।
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