घरवालों ने घटना की जानकारी हुसैनगंज पुलिस को दी। पुलिस ने मदद के लिए दमकल कर्मियों को बुलाया। फायर स्टेशन हजरतगंज से एफएसओ राम कुमार रावत टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। काफी देर तक खोजबीन की गई, मगर वीर का कुछ पता नहीं लगा। बाद में एनडीआरएफ को भी बुलाया गया। वीर के आगे बहने की आशंका के पर दोनों टीमें डीजीपी आवास के पास से गुजर रहे नाले पर पहुंचीं। यहां भी देर रात तक सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन सफलता नहीं मिली।
दादी की हालत बिगड़ी
पोते को तलाशते हुए वीर की दादी सावित्री डीजीपी आवास के पास तक पहुंची। वह बार-बार खुद नाले तक जाकर पोते को खोजने की कोशिश करती रहीं। पुलिस कर्मियों और पड़ोसियों ने उन्हें किसी तरह रोका। महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार के मौके पर पहुंचने पर दादी रो-रो कर बच्चे को खोजने की गुहार करती रहीं। पिता नन्हे का भी हाल बुरा हो गया। एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल के मुताबिक बच्चे का कुछ पता नहीं चल सका है। गोताखोर, दमकल और एनडीआरएफ की टीम बच्चे को खोजने का प्रयास कर रही है।