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Lucknow: अंधेरे में रहे 5,885 उपभोक्ता, बिजली दफ्तरों पर भारी हंगामा, पुलिस बुलानी पड़ी

Mon, 16 Mar 2026 08:35 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

राजधानी लखनऊ में सोमवार को पावर कॉर्पोरेशन की ऑटोमेटिक सिस्टम की खामियों ने हजारों उपभोक्ताओं को मुसीबत में डाल दिया।
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उपभोक्ताओं ने किया हंगामा। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में सोमवार को पावर कॉर्पोरेशन की ऑटोमेटिक सिस्टम की खामियों ने हजारों उपभोक्ताओं को मुसीबत में डाल दिया। बकाया होने पर कार्यदायी संस्था ने 5,885 प्रीपेड मीटरों की बिजली ऑटोमेटिक काट दी, लेकिन भुगतान के बावजूद तकनीकी खराबी के कारण घंटों तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। इससे गुस्साए उपभोक्ताओं ने चारों वर्टिकल कार्यालयों पर जमकर हंगामा और इंजीनियरों का घेराव किया।

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अव्यवस्था का मुख्य कारण पावर कॉर्पोरेशन का वह फैसला रहा, जिसके तहत इंजीनियरों (जेई से लेकर मुख्य अभियंता तक) से कटी बिजली को ऑनलाइन जोड़ने का अधिकार छीन लिया गया है। ऐसे में भुगतान के बाद भी जब सिस्टम ने बिजली चालू नहीं की, तो इंजीनियर भी असहाय नजर आए। वे देर रात तक कार्यदायी संस्था को विवरण भेजकर बिजली चालू कराने की कोशिश करते रहे।

जोनवार कटी बिजली
लखनऊ सेंट्रल: 2099 मीटर
अमौसी: 1430 मीटर
गोमतीनगर: 1190 मीटर
जानकीपुरम: 1166 मीटर

8 घंटे चला हंगामा, मारपीट की आई नौबत
हुसैनगंज 1912 कॉल सेंटर, अमौसी, पुरनिया और गोमतीनगर कार्यालयों पर करीब आठ घंटे तक हंगामा होता रहा। पुरनिया और हुसैनगंज में हालात इतने बिगड़ गए कि परेशान उपभोक्ता इंजीनियरों से मारपीट पर आमादा हो गए, जिसके बाद स्थिति संभालने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। हंगामे के चलते कार्यालयों का अन्य सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
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इसलिए नहीं जुड़ रही ऑटोमेटिक बिजली
मुख्य अभियंता रामकुमार, रवि अग्रवाल, वीपी सिंह और सुशील गर्ग ने इस तकनीकी विफलता के पीछे तीन बड़ी वजहें बताईं। पहली, पेमेंट गेटवे से भुगतान का विवरण सिस्टम तक पहुंचने में देरी हो रही है। दूसरी, जनसुविधा केंद्र में जमा बिलों का डेटा अपडेट होने में समय लग रहा। और तीसरा उपभोक्ता माइनस बैलेंस के साथ पुराने बकाये का पूरा भुगतान नहीं कर रहे हैं।

हार्ट पेशेंट और दिव्यांग घंटों रहे अंधेरे में
विधानसभा उपकेंद्र क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला जिनके हृदय में तीन दिन पहले ही स्टेंट पड़ा था, सोमवार को सात घंटे तक बिना बिजली के रहीं। बकाया होने पर नसरीन सिद्दीकी के घर की बिजली काट दी गई थी। दोपहर 12 बजे 6,348 रुपये का भुगतान करने के बावजूद शाम 7 बजे तक बिजली बहाल नहीं हुई। घर में बुजुर्ग महिला और उनकी बहू अकेली थीं, जबकि बेटा कानपुर में नौकरी करता है। अधीक्षण अभियंता मुकेश त्यागी ने बताया कि बिजली चालू करने के निर्देश एजेंसी को दिए गए हैं। इसी तरह फॉरेस्ट कॉलोनी के सुनील कुमार की 14 मार्च को काटी गई बिजली 16 मार्च की शाम तक चालू नहीं हो सकी। दिव्यांग सुनील कुमार को व्हीलचेयर के सहारे 1912 कॉल सेंटर पहुंचे। अधीक्षण अभियंता के अनुसार, बकाये के कारण बिजली चालू नहीं हो पा रही।
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