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लखनऊ: चिनहट बैंक लूट में गड़बड़ी करने वाले 13 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, सोना बरामदी को लेकर भूमिका संदिग्ध

Fri, 31 Jan 2025 07:52 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

Chinhat bank looted: लखनऊ के चिनहट इलाके में हुई बैंक लूट कांड के बाद सोना बरामदी में पुलिस की संदिग्ध भूमिका को देखते हुए 13 पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
 
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लखनऊ बैंक लूट - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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डीसीपी पूर्वी ने अपने विशेष दस्ते को भंग करने के बाद अगले दिन बृहस्पतिवार को सभी 13 पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। यह कार्रवाई चिनहट में इंडियन ओवरसीज बैंक का लॉकर काटकर करोड़ों की चोरी के बाद माल बरामदगी में गड़बड़ी की आशंका पर की गई है। उधर, एडीसीपी पूर्वी पंकज सिंह ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। अमर उजाला ने 30 जनवरी के अंक में इस बात को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। 

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एडीसीपी के मुताबिक, विशेष दस्ते में शामिल पुलिसकर्मियों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस दिया गया है। बरामदगी के बाद छुट्टी पर गए दरोगा सतीश, सिपाही हितेश और अजय से पूरे प्रकरण के बारे में पता लगाएंगे।

सभी बिंदुओं पर छानबीन 
उधर, सूत्रों का कहना है कि जिन लोगों को विशेष दस्ते से हटाया गया है, उनमें कुछ ऐसे भी हैं, जिनकी कोई भूमिका नहीं है। पुलिस गिरफ्तार बदमाशों से भी पूछताछ करेगी। पता लगाया जाएगा कि आरोपियों के पास से कुल कितना जेवर बरामद किया गया था।ये हुए लाइन हाजिर : विशेष दस्ते में शामिल दरोगा सतीश कुमार, रंजीत कुमार, अनुज सिंह, हेड कांस्टेबल हरि किशोर, परशुराम राय, कांस्टेबल हितेश सिंह, राहुल पांडेय, विशाल कुमार, सचिन तोमर, विमल चंद्र पाल, अजय कुमार और महिला सिपाही शिल्पी पांडेय को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एक सिपाही बुधवार को ही लाइन हाजिर किया गया था। विपिन से पूछताछ करेगी पुलिस : इस प्रकरण के मास्टर माइंड गाजीपुर जेल में बंद विपिन से गोमतीनगर पुलिस पूछताछ करेगी।

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42 लॉकर लूटने में पुलिस की भूमिका संदिग्ध 

चिनहट में इंडियन ओवरसीज बैंक के 42 लॉकर काटकर करोड़ों की चोरी के मामले में पुलिसकर्मियों का खेल उजागर हुआ है। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने पूरी स्वॉट टीम को भंग कर दिया है। सभी 13 पुलिसकर्मियाें का अलग-अलग ट्रांसफर किया गया है। सूत्रों का कहना है कि बदमाशों से जेवर बरामद करने के बाद कुछ पुलिसकर्मियों ने लाखों का सोना पार कर दिया था। इनमें दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी ऐसे हैं, तो खुलासे के अगले ही दिन छुट्टी पर चले गए थे।

डीसीपी पूर्वी के मुताबिक लंबे समय से स्वॉट टीम में तैनात पुलिसकर्मियों को हटाया गया है। सर्विलांस सेल और स्वॉट टीम को जनहित में तत्काल प्रभाव से भंग किया गया है। इनके खिलाफ शिकायतें आ रही थीं। मामले की जांच एडीसीपी पूर्वी को सौंपी गई है। सोना चोरी का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों का कहना है कि लॉकर काटकर चोरी के बाद स्वॉट टीम में तैनात दरोगा सतीश कुमार, सिपाही अजय कुमार, मनोज कुमार सिंह और हितेश सिंह दबिश के लिए गाजीपुर जिले में गए थे। इन लोगों ने कार बाजार से एक गाड़ी ली थी। चारों ने गाजीपुर जाकर बदमाशों से सात बैग जेवर बरामद किए। वहीं, गाजीपुर पुलिस ने दो बैग जेवर बरामद किया। चारों पुलिसकर्मी बरामदगी के बाद लखनऊ लौट आए। इसके बाद दरोगा सतीश, सिपाही हितेश और अजय छुट्टी पर चले गए थे।
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