भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार पूरी तरह से गरीबों के लिए समर्पित है। अगले तीन वर्षों में पांच करोड़ गरीब परिवारों तक रसोई गैस कनेक्शन पहुंचा दिया जाएगा, ताकि महिलाओं व बच्चों को धुएं से होने वाली गंभीर बीमारियों से निजात मिल सके।
शाह गुरुवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘दीनदयाल उपाध्याय संपूर्ण वाङ्मय’ के विमोचन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि दीनदयाल जी का पूरा जीवन देश को समर्पित रहा।
भाजपा और केंद्र सरकार ने दीनदयाल जन्मशती को गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का फैसला किया। एकात्म मानववाद के जनक दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर चलकर ही भाजपा ने सफलता की सीढ़ियां चढ़ी हैं। उन्होंने मात्र 10 सदस्यों से जिस जनसंघ की स्थापना की थी, वह आज भाजपा के रूप में दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है।
अतीत को सर्वोच्च मानते हुए नवनिर्माण करना है मकसद
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शाह ने कहा कि आजादी के बाद नेहरू सरकार की नीतियों से असहमत होकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने संयुक्त सरकार से इस्तीफा दे दिया था। जिस वक्त जनसंघ की स्थापना हुई, तब सत्ता पाने का कोई लक्ष्य नहीं था।
इसका मुख्य उद्देश्य था- कृषि, आर्थिक, शैक्षणिक और वैदेशिक नीति के क्षेत्र में वैकल्पिक नीति लाना। कांग्रेस देश के अतीत को नकारते हुए नवनिर्माण की बात करती थी, जबकि जनसंघ अतीत को सर्वोच्च मानते हुए पुनर्निर्माण की धारणा को सही मानता था।
शाह ने कहा कि देश में पहली बार जो गैर कांग्रेसी सरकार बनी, उसका श्रेय दीनदयाल उपाध्याय को ही जाता है। उन्होंने लोगों के मन में यह बात बिठाई कि गैर कांग्रेसी लोग भी देश का नेतृत्व कर सकते हैं।
पूरी दुनिया जिस जलवायु परिवर्तन को लेकर आज चिंतित है, उसके बारे में दीनदयाल जी ने बहुत पहले ही आगाह कर दिया था। उनकी दृढ़ मान्यता थी कि पंक्ति के अंतिम व्यक्ति को प्रथम व्यक्ति के बराबर लाना ही सही विकास है।