डॉलर कमाने के फेर में 46.61 लाख गंवाए
लखनऊ। आलमबाग की समर विहार कॉलोनी निवासी ठेकेदार नागेंद्र कुमार वाजपेयी ने डॉलर कमाने के फेर में 46.61 लाख रुपये गंवा दिए। साइबर ठगों ने उन्हें शेयर ट्रेडिंग करने का झांसा दिया था। पीड़ित ने मंगलवार को साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है।
नागेंद्र के मुताबिक सात जनवरी 2025 को हरि सिंह ने उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप पर जोड़ा था। हरि ने झांसे में लेने के लिए कैनन कैपिटल फाइनेंस एसएआरएल कंपनी का प्रमाण पत्र पोस्ट किया, जो सेबी से पंजीकृत था। उसकी सहयोगी नंदिनी दत्ता ने लिंक भेजकर क्यूआईबी संस्था में ट्रेडिंग कर डॉलर में मुनाफा कमाने का झांसा दिया। नागेंद्र ने चार फरवरी को ठगों के भेजे गए लिंक से अपना खाता जोड़ लिया। पांच फरवरी से तीन मार्च तक 46.61 लाख रुपये निवेश कर दिए। मुनाफे की रकम निकालने से ही पहले ही ग्रुप बंद हो गया। आरोप है कि ऐसी ही ठगी उनके भाई संतोष के साथ भी हुई। ठगों ने सैकड़ों लोगों के करोड़ों रुपये हड़प लिए। इंस्पेक्टर ब्रजेश यादव के मुताबिक मामले की तफ्तीश चल रही है।
केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर 13 लाख की ठगी
लखनऊ। गोमतीनगर के विनीतखंड निवासी राकेश यादव ने ठगों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है। राकेश के मुताबिक उनका सैलरी अकाउंट आईडीबीआई बैंक बुलंदशहर में है। पांच मई को सुबह दस बजे उनके पास खाते की केवाईसी अपडेट करने का मेसेज आया था। इसमें एक लिंक भी था, जिसे खोलने के बाद पीड़ित ने अपना आधार और पैन नंबर अपडेट किया था। अगले दिन सुबह छह बजे खाते से 13 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन होने का मेसेज आया। यही नहीं ठग ने उनका बैंक अकाउंट हैककर राकेश का मोबाइल नंबर भी बदल दिया। (संवाद)