कारोबारी जितेंद्र ने बताया कि स्टेशनरी बाजार में लगभग 300 थोक दुकानें हैं। इस वक्त सहालग का मौसम है, जिसमें पूर्वांचल व अवध क्षेत्र के लगभग 30 जिलोें से खरीदार सुबह से ही आने लगते थे। बीते दो-तीन दिन से खुदरा कारोबारी आ रहे थे, पर सोमवार को तो इन जिलोें से एक भी खरीदार नहीं आया।
यह स्थिति तब है जब इस वक्त थोक कारोबारी खुदरा की स्टेशनरी डिमांड पूरी नहीं कर पाते थे। रोजाना चार करोड़ रुपये की स्टेशनरी बिकती, पर सोमवार को एक करोड़ का भी कारोबार नहीं हुआ।
सिर्फ शादी के कपड़े बिक रहे
अमीनाबाद में 6000 थोक-खुदरा कारोबारियों एवं 4000 पटरी दुकानदारों की दुकानें हैं। इनमें औसतन रोजाना 50 हजार लोग खरीदारी करने आते थे। सोमवार को यहां की करीब 75 फीसदी दुकानों में सन्नाटा था। गणेशगंज के कारोबारी अशोक मोतियानी ने बताया कि कोरोना के खौफ से खरीदार घरों से नहीं निकल रहे।
इस समय सिर्फ शादी के कपड़े बिक रहे हैं। जिनके परिवार में अप्रैल, मई में शादी है वही मजबूरी में खरीदारी कर रहे हैं। कारोबारी विनोद अग्रवाल के मुताबिक अमीनाबाद में आम दिनों में औसतन 20 करोड़ रुपये रोजाना का कारोबार है, पर सोमवार को पांच करोड़ का ही बिक्री हुई।
सोने, चांदी, हीरे के गहनों के लिए चर्चा में रहने वाले चौक के सराफा बाजार में सोमवार को जबरदस्त सन्नाटा रहा। खास तौर पर थोक कारोबारियों ने गहने खरीदने वाले खुदरा व्यापारियों की सूरत नहीं देखी। कारोबारी आदीश जैन ने बताया कि जो खुदरा शोरूम ग्राहकों से भरे रहते थे, उनमें एक-दो ग्राहक ही खरीदारी करने आए। ऐसा तब है जब कोरोना के बचाव के इंतजाम भी किए गए हैं। चौक में रोजाना सात से आठ करोड़ का गहनों कारोबार होता है, जो सोमवार को एक से दो करोड़ पर सिमट गया।
शोरूम में सैनेटाइजर का इंतजाम
इंदिरानगर स्थित भूतनाथ मार्केट पर कोरोना का ज्यादा ही असर दिख रहा है। इंदिरानगर में एक मरीज के मिलने से सहमे ग्राहक कुछ ज्यादा ही सावधानी बरत रहे हैं। कारोबारी देेवेंद्र गुप्ता, उत्तम कपूर आदि ने बताया कि ग्राहकों की दस्तक के बिना शोरूम व दुकान सूनी हो गई हैं। बेहद जरूरतमंद ग्राहक ही खरीद को आ रहे हैं। यह तब है जब शोरूम में सेनेटाइजर की व्यवस्था है। ग्राहक शोरूम में प्रवेश से पहले और लौटते वक्त भी सेनेटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कोरोना वायरस के खौफ के बीच सबसे पहले सेनेटाइजर और मास्क बाजार से गायब हो गए। अब धीरे-धीरे बाजार से अन्य वस्तुएं भी गायब होने लगी हैं। ये वस्तुएं लोगों के रोजमर्रा के इस्तेमाल की हैं। खुदरा कारोबारियों का आरोप है कि थोक कारोबारियों ने ऐसी वस्तुओं की जमाखोरी शुरू कर दी है जिससे ग्राहकों की मांग को पूरा करना मुश्किल हो गया है।
किराना के खुदरा कारोबारी ने बताया कि किचन की वस्तुओं की सेल में तेजी आई है। इसमें चावल, आटा, दाल, खाने का तेल, चीनी, बिस्किट, चाय पत्ती, इंस्टैंट नूडल्स, फ्रोजन फूड आदि शामिल हैं। दरअसल लोग कोरोना के डर से जरूरत का हर सामान घरों में भर रहे हैं।
इससे खुदरा बाजार में 25 से 50 फीसदी तक खरीद बढ़ी है तो रोजमर्रा की वस्तुओं की कमी होने लगी है। कारोबारी विनोद अग्रवाल ने बताया कि कोरोना के चक्कर में ऑनलाइन खरीद फरोख्त प्रभावित हुई है। ऑनलाइन खरीद करने वाले ग्राहक सीधे बाजार व मॉल में उतर रहे हैं, जिससे खपत बढ़ी।