एलडीए में नक्शों के आवेदन करने के बाद आवंटी आर्किटेक्ट की मनमानी और ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी खामी के फेर में फंसकर रह जाता है। एलडीए में इन दिनों चल रहे विशेष शिविर में आने वाली ज्यादातर शिकायतें ऐसी ही हैं। ऐसे में अब आवेदन करने वाले आर्किटेक्ट और ऑनलाइन पोर्टल का काम देख रही निजी कंपनी को व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए कहा गया है।
बृहस्पतिवार को शिकायत लेकर पहुंचे आर्किटेक्ट यासीन अहमद ने अधिकारियों को बताया कि जानकीपुरम स्थित ओरो सिटी में उनके क्लाइंट ने विला खरीदा है। अब उन्हें अपनी जरूरत के मुताबिक पहले तल पर निर्माण कराना है। इसके नक्शे के लिए आवेदन भी किया। विला के निर्माण के समय पार्किंग स्पेस की जितनी जरूरत थी, उससे अधिक जगह छोड़ी गई थी। लेकिन ऑनलाइन पोर्टल में तयशुदा माप के मुताबिक यह स्पेस नहीं होने की वजह से स्क्रूटनी में नक्शा स्वीकृत नहीं हो रहा है। ऐसा ही एक और प्रकरण शिविर में आया। दोनों ही मामले निजी कंपनी को भेजे गए हैं। वहीं एक अन्य मामले में एक आवेदन खुद गोमतीनगर के एक नक्शा का अपडेट पता करने पहुंचा। उसको बताया गया कि नक्शा स्वीकृत है, लेकिन आर्किटेक्ट ने फीस जमा नहीं की है। ऐसे में नक्शे को रिलीज नहीं किया जा सका है।
आवेदक का कहना है कि वह आर्किटेक्ट को पैसा दे चुका है। एलडीए के एक अधिकारी ने बताया कि आर्किटेक्ट भू-स्वामी का नंबर नहीं देते हैं। ऐसे में इस तरह की दिक्कतों की जानकारी उसे नहीं मिल पाती है। आर्किटेक्ट को फीस जमा करने को कहा जाता है तो वह बहानेबाजी करता है। ऐसे में नक्शा जारी करने में देरी होती है।
वीसी अक्षय त्रिपाठी का कहना है कि लंबित नक्शों के प्रकरण में आवेदकों को सूचना देकर बुलाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को भी सात नक्शे स्वीकृत कराए गए। 19 प्रकरण सुनवाई में आए। 11 मानचित्रों की आपत्तियों का निस्तारण भी कराया गया है। सुनवाई में अधिशासी अभियंता भूपेंद्र बीर सिंह और उनकी टीम मौजूद रही। यह शिविर आठ अक्तूबर तक चलेगा।
नक्शा स्वीकृति : फैक्ट फाइल
- 100 से अधिक नक्शे फीस जमा नहीं करने की वजह से स्वीकृत होने के बाद भी अटके हैं।
- 400 से अधिक नक्शे ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी खामी में फंसे।
- 550 नक्शे आर्किटेक्ट से आपत्ति निस्तारण के लिए लंबित।
20 आवंटियों के एलडीए ने किए नामांतरण
लखनऊ। शिविर के दूसरे दिन नामांतरण शिविर में वीसी अक्षय त्रिपाठी, अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा, नोडल अधिकारी राजीव कुमार ने आवंटियों के लंबित प्रकरण की सुनवाई की। वीसी के आदेश पर आवेदकों को फोन कर भी शिविर का लाभ लेने के लिए बुलाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को नामांतरण के 20 आवेदन का निस्तारण किया गया। नोडल अधिकारी ने बताया कि जानकीपुरम विस्तार योजना के तीन, गोमतीनगर विस्तार योजना के पांच, बसंतकुंज योजना के चार, कानपुर रोड योजना के दो और अन्य योजनाओं के चार आवेदकों की सुनवाई की गई।