फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: जाम पर लंबे समय से मंथन... नतीजा शून्य

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। त्योहार का समय हो या नए साल का जश्न। जब भी लोग घर से निकलते हैं तो यातायात का दबाव झेलना पड़ता है। राजधानी में पहली बार नहीं हुआ कि नए साल पर लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। शहर का जाम खत्म करने के लिए लंबे समय से मंथन हो रहा है, पर नतीजा शून्य है।
विज्ञापन

शहर में पॉलीटेक्निक चौराहा, पुराना लखनऊ और कैसरबाग इलाका आए दिन ट्रैफिक के दबाव से जूझता रहता है। कैसरबाग बस अड्डे को शिफ्ट नहीं किए जाने से यह समस्या बरकरार है। कानपुर हाईवे पर एलिवेटेड रोड का काम चल रहा है। इस कारण कानपुर रोड पर आए दिन यातायात का दबाव रहता है और लोग घंटों फंसे रहते हैं। यही हाल अयोध्या रोड का है। किसान पथ से भारी वाहन अयोध्या रोड पर उतरकर यूटर्न लेते हैं, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। कमता में वाहन रेंगते नजर आते हैं, लेकिन इसका हल नहीं निकल सका।



हाईकोर्ट ने भी दिया था आदेश

हाईकोर्ट ने भी जाम की समस्या दूर करने के लिए रणनीति बनाने का आदेश दिया था। इसके लिए कमता बस अड्डे को शिफ्ट करने के लिए भी कहा गया। कोर्ट के आदेश पर एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, यातायात और एलडीए के अफसरों ने बैठक की। अयोध्या रोड पर अंडरपास या ओवरब्रिज बनाने का विचार भी रखा गया, लेकिन इस पर आगे काम नहीं हुआ।
विज्ञापन




प्राथमिकता में रहता है जाम से निदान

खास बात है कि जब भी कोई अफसर लखनऊ में तैनाती पाता है तो शहरवासियों को जाम से निदान दिलाना उनकी प्राथमिकता होती है, मगर बाद में वह इस पर ध्यान नहीं दे पाता। कार्यकाल पूरा होने के बाद अफसरों का तबादला हो जाता है और जाम से निदान की प्राथमिकता महज औपचारिकता बनकर रह जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें