लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम घोषित होने के 30 दिन के अंदर प्रत्याशियों को जिला निर्वाचन अधिकारी को चुनावी खर्च का हिसाब देना होगा। बिना किसी ठोस कारण के तय समय सीमा में खर्च का लेखा-जोखा दाखिल न करने पर तीन वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा 95 लाख रुपये और विधानसभा उप निर्वाचन क्षेत्र के लिए 40 लाख रुपये है। प्रत्याशियों को नामांकन की तारीख से परिणाम की तारीख तक सभी खर्चों का अलग-अलग और सही लेखा-जोखा रखना होगा। तय सीमा से ज्यादा खर्च करने को भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि ऐसे प्रत्याशी को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अंतर्गत तीन वर्ष के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया जा सकता है। इसके अलावा जुर्माना भी लगाया जा सकता है।