जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र इटावा जिले में है, लेकिन लोकसभा क्षेत्र मैनपुरी में शामिल है। यहां से विधायक शिवपाल सिंह यादव हैं। वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि लाल कहते हैं कि मुलायम सिंह यादव ने जसवंत नगर से अपनी सियासी पहचान कायम की। यहां से वह आगे बढ़े तो आसपास के लोकसभा क्षेत्र पर भी प्रभाव जमाया। फिर यहां से शिवपाल लगातार विधायक बन रहे हैं।
भाजपा की अब तक की रणनीति से यह बात स्पष्ट हो गई है कि वह जसवंत नगर में जमीं तैयार कर मुलायम के किले को ढहाना चाहती है। पिछले चुनाव में मैनपुरी छोड़ अन्य सीटों पर कब्जा जमा लिया। इस बार वह मैनपुरी में भी सियासी लिहाज को दरकिनार करते हुए पूरी तरह से आक्रामक है। दूसरी बात यह है कि अखिलेश यादव ने पहले करहल और फिर कन्नौज हो की चुना है। इससे यह भी स्पष्ट है कि सैफई परिवार इस इलाके को अपनी सियासी नाभी के तौर पर देख रहा है।
वरिष्ठ पत्रकार प्रभात रंजन दीन का तर्क है कि जब तक शिवपाल भाजपा के प्रति सॉफ्ट थे तो उसका फोकस जसवंत नगर पर नहीं था। अब वह सॉफ्ट कनेक्शन खत्म हो गया है। ऐसे में भाजपा ने जसवंत नगर को केंद्र बना दिया है।