सूबे के लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने रविवार की शाम कहा कि लोकपाल या लोकायुक्त बनाने से भ्रष्टाचार का खात्मा नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज में चरित्र निर्माण करना होगा। किसी ने भ्रष्टाचार नहीं किया लेकिन दूसरे को करने से रोका नहीं तो भी वह दोषी माना जाएगा।
ये बातें उन्होंने नरिया स्थित रामनाथ चौधरी शोध संस्थान परिसर में अखिल भारतीय विद्वत परिषद की ओर से आयोजित विद्वत अलंकरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कहीं। उन्होंने भ्रष्टाचार न करने और न होने देने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को सराहा।
लोकायुक्त ने कहा कि देश आतंकवाद, भ्रष्टाचार, कुप्रशासन, मानव अधिकारों के हनन और नारी उत्पीड़न जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। इनके निराकरण के लिए कदम उठाया जाना चाहिए।