लोकबंधु अस्पताल अग्निकांड मामले में कई लोगों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की ओर से जांच के आदेश के बाद सेंकेंड फ्लोर पर बने स्टोर रूम और गैलरी का सील कर दिया गया है। मंगलवार को किसी को भी उधर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस मामले को लेकर शासन भी गंभीर है। यही वजह है कि सेकेंड फ्लोर पर सिर्फ जांच टीम को ही जाने की इजाजत है।
सूत्रों का कहना है कि डीएम की ओर से गठित जांच कमेटी बुधवार को आग लगने के कारणों की जांच करेगी। इस दौरान फायर एनओसी के मुद्दे की भी पड़ताल की जाएगी। यही नहीं, अग्निशमन यंत्र, आग से बचाव के दौरान आई समस्याएं और खामियाें की रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी। इसके अलावा आग की सूचना सबसे पहले देने वाले कर्मचारी के बयान भी दर्ज होंगे। यह पता लगाया जाएगा कि फायर ब्रिगेड की टीम सूचना मिलने के बाद कितने देर बाद पहुंची थी। आग के दौरान अस्पताल में फंसे मरीजों को निकालने वाले पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि अस्पताल में आग हादसा है या साजिश।
लोकबंधु अस्पताल में लगी आग।
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लोकबंधु अस्पताल में आग लगने के बाद पांच विभाग पूरी तरह से बंद हो गए हैं। वहां जला हुआ मलबा और पानी ही भरा है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि इन वार्डों को शुरू होने में करीब एक हफ्ता लगेगा। आग से इन वार्डों में रखा सामान, फर्नीचर जलकर खाक हो गया है।
आग लोकबंधु के फीमेल मेडिसिन वार्ड में लगी थी। इसके बाद इसने बाल रोग विभाग को भी अपनी जद में ले लिया। वार्डों की फॉल सीलिंग, बिजली के तार, फर्नीचर जल गए। ये दो वार्ड काफी प्रभावित हुए हैं। बाल रोग के अलावा दूसरे विभागों में भी शीशे, खिड़की, दरवाजे तोड़े गए थे। सभी वार्डों में काफी धुआं भर गया था। शीशे तोड़ने के बाद धुआं काफी देर बाद बाहर निकल सका था। अभी इन वार्डों में पानी भरा है। इसके अलावा गाइनी ओटी, आयुर्वेद, लेजर रूम नेत्र विभाग, आईसीयू में धुआं भरने से उसे बंद किया गया है। अफसरों का कहना है कि आईसीयू के सैनिटाइजेशन के बाद उसे शुरू किया जाएगा।