लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में भाजपा, सपा, बसपा के सारे प्रत्याशी करोड़पति हैं। यूपी इलेक्शन वॉच एवं एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म ने तीसरे चरण की 10 सीटों पर चुनाव लड़ने वाले सभी 100 प्रत्याशियों के शपथपत्रों का विश्लेषण करने के बाद रिपोर्ट जारी की है।गौरतलब है कि तीसरे चरण में आगरा, आंवला, बदायूं, बरेली, एटा, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, हाथरस, मैनपुरी और संभल में चुनाव होने हैं। राजनीतिक दलों के तमाम दावों के बावजूद तीसरे चरण में महज आठ महिलाओं को ही टिकट मिला है।
यूपी इलेक्शन वॉच के मुख्य संयोजक संजय सिंह ने बताया कि तीसरे चरण के चुनाव में 46 प्रतिशत प्रत्याशी करोड़पति हैं। इनमें भाजपा के 10 और सपा व बसपा के नौ-नौ प्रत्याशी शामिल हैं। इनकी औसतन संपत्ति 6.94 करोड़ रुपये है। वहीं, भाजपा के 10 प्रत्याशियों की औसत संपत्ति लगभग 11.74 करोड़, सपा के नौ प्रत्याशियों की 47.67 करोड़ और बसपा के प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 9.45 करोड़ रुपये है। सर्वाधिक संपत्ति वाले प्रत्याशी बरेली के प्रवीन सिंह ऐरन (सपा) हैं। उनके पास 182 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसी तरह से फिरोजाबाद के सपा प्रत्याशी अक्षय यादव 136 करोड़ रुपये के मालिक हैं। मैनपुरी सीट से सपा प्रत्याशी डिंपल यादव के पास 42 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
25 प्रतिशत प्रत्याशी हैं दागी
तीसरे चरण के 100 प्रत्याशियों में से 25 ने अपने ऊपर लगे आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें से 20 उम्मीदवारों पर गंभीर किस्म के आपराधिक मामले दर्ज हैं। दलों की तुलना की जाए तो भाजपा व बसपा के चार-चार, सपा के पांच और राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के एक प्रत्याशी ने अपने आपराधिक मामले घोषित किए हैं। फतेहपुर सीकरी से कांग्रेस प्रत्याशी रामनाथ सिंह सिकरवार पर सर्वाधिक 17, फिरोजाबाद से बसपा प्रत्याशी चौधरी बशीर पर नौ आपराधिक मामले हैं। तीसरे नंबर पर संभल से लोग पार्टी के प्रत्याशी पवन कुमार हैं, जिन पर तीन मुकदमे दर्ज हैं।
इनके पास सबसे कम संपत्ति
आगरा से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हसनुराम अंबेडकरी के पास सबसे कम महज 12 हजार रुपये हैं। दूसरे नंबर पर एटा के निर्दलीय प्रत्याशी कैलाश कुमार हैं, जिनकी संपत्ति 19 हजार रुपये है।
एक तिहाई प्रत्याशी सिर्फ 12वीं तक पास
तीसरे चरण में 100 में से 33 प्रत्याशियों ने अपनी शैक्षिक योग्यता 5वीं और 12वीं के बीच घोषित की है। जबकि 52 प्रत्याशियों ने शैक्षिक योग्यता स्नातक व अधिक घोषित की हैं। वहीं, 12 उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता साक्षर और दो ने खुद को निरक्षर बताया है।