जौनपुर सीट पर फिल्म स्टार रवि किशन का भी जादू नहीं चला। मछलीशहर सीट पर कांग्रेस के तूफानी सरोज और रॉबर्ट्सगंज सुरक्षित सीट से भगवती प्रसाद चौधरी भी चौथे नंबर से आगे नहीं बढ़ पाए।
आजमगढ़ सदर सीट से कांग्रेस के अरविंद जायसवाल और लालगंज सुरक्षित सीट से बलिहारी बाबू अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। मिर्जापुर में अपना दल की अनुप्रिया पटेल के सामने ललितेश पति त्रिपाठी भी टिक नहीं सके थे। वे तीसरे स्थान पर रहे। अनुप्रिया ने दो लाख से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की थी।
पूर्वांचल में विकास का पर्याय माने जाने वाले और लगातार चार बार सांसद व केंद्रीय मंत्री रहे कल्पनाथ राय की पत्नी सुधा राय का भी सिक्का नहीं चल सका। 17 लाख 68 हजार मतदाताओं वाली बलिया संसदीय सीट के चुनाव में सुधा राय को महज 13 हजार वोट मिले। वे पांचवें स्थान पर रहीं।